History Of Vishwashrao Peshwa || विश्वासराव पेशवा का इतिहास

Last updated on April 29th, 2024 at 06:35 am

Vishwashrao Peshwa पेशवा बालाजी बाजीराव के सबसे बड़े पुत्र थे। विश्वास राव मराठा साम्राज्य के पेशवा कभी नहीं बने क्योंकि पानीपत के तीसरे युद्ध में इनकी मृत्यु हो गई थी।

Vishwashrao Peshwa जीवन परिचय

  • पूरा नाम Full name– श्रीमंत विश्वासराव भट्ट पेशवा।
  • जन्म दिनांक Vishwashrao Peshwa date of birth – 22 जुलाई 1742.
  • जन्म स्थान Vishwashrao Peshwa birth place– शनिवार वाड़ा, पुणे महाराष्ट्र।
  • मृत्यु दिनांक Vishwashrao Peshwa died-14 जनवरी 1761.
  • मृत्यु स्थान Vishwashrao Peshwa death place– पानीपत।
  • पत्नी का नाम Vishwashrao Peshwa wife name– लक्ष्मीबाई।
  • पुत्र और पुत्रियां
  •  धर्म religion– हिंदू सनातन।
  • संबंध relation– मराठा साम्राज्य।
  • संबंधी relatives-

माधवराव प्रथम (भाई).

नारायण राव (भाई).

सदाशिवराव भाऊ (काका, चाचा).

रघुनाथ राव (काका,चाचा).

शमशेर बहादुर प्रथम (काका, चाचा).

बाजीराव प्रथम (दादाजी).

काशीबाई (दादीजी).

  • युद्ध Battles– पानीपत का तीसरा युद्ध, third Battle of Panipat.

मात्र 8 वर्ष कि आयु से ही Vishwashrao Peshwa ने युद्ध प्रणाली सीखना प्रारंभ कर दिया था। प्रशासनिक कार्यों में ये गहरी रुचि रखते थे। इनकी आंखें नीले रंग की थी। सरदेसाई और अन्य लेखक विश्वास राव के बारे में लिखते हैं कि उस समय मराठा साम्राज्य में विश्वासराव सबसे सुंदर व्यक्तियों में शामिल थे।

कौस्तुभ कस्तूर ने अपनी पुस्तक, “सकलराज कार्या धुरंदर सदाशिवराव भाऊसाहेब” में लिखा की विश्वास राव ने सैन्य और प्रशासनिक कार्यों का लगातार प्रशिक्षण लेने की वजह से बहुत सक्षम थे। कई स्त्रोतों से पता चलता है कि बालाजी बाजीराव उर्फ़ नाना साहेब ने विश्वासराव को लगातार और उच्च श्रेणी का प्रशिक्षण दिया जिसकी वजह से वह एकदम मंजे हुए खिलाड़ी थे।

Vishwashrao Peshwa की शादी

2 मई 1750 के दिन विश्वासराव पेशवा की शादी “हरि बालकृष्णन दीक्षित” (पटवर्धन) की बेटी लक्ष्मीबाई के साथ हुआ था।शादी के वक्त इनकी आयु मात्र 8 वर्ष थी।

पानीपत का तीसरा युद्ध और विश्वास राव पेशवा (third battle of Panipat and Vishwashrao)

पानीपत का तीसरा युद्ध 1761 ईस्वी में मराठों और अब्दुल शाह अब्दाली की सेनाओं के बीच लड़ा गया था। इस युद्ध में मराठों की तरफ से “मल्हारराव होलकर” और “Vishwashrao Peshwa” सेना की अगुवाई कर रहे थे।

पानीपत के मैदान में बहुत भयंकर युद्ध छिड़ा हुआ था दोनों सेनाएं एक दूसरे को नष्ट करने के लिए पुरजोर कोशिश कर रही थी। पानीपत के तीसरे युद्ध का अंतिम दिन था Vishwashrao Peshwa को लग रहा था कि इस युद्ध में मराठों की हार हो सकती है। अब्दुल शाह अब्दाली भी इस युद्ध को रोकने के लिए पुनः विचार कर रहा था।

मराठों के सामने सबसे बड़ी समस्या राशन और खाने-पीने की वस्तुओं की थी जिनकी पूर्ति समय पर नहीं हो पा रही थी। इन सब को देखते हुए जानकोजी शिंदे ने विश्वासराव से आग्रह किया कि बालाजी बाजीराव उर्फ़ नाना साहब से मदद मांगी जाए।

जानकोजी शिंदे ने नाना साहेब को पत्र लिखा और कहा कि सैनिकों के लिए राशन की व्यवस्था की जाए, और सदाशिव राव भाऊ की मदद की जाए। विश्वासराव पेशवा को खुद की जान की परवाह नहीं थी क्योंकि उन्हें पता था कि उनके दो भाई और हैं।

विश्वास राव घोड़े पर बैठकर दोनों हाथों से बिजली की चमक से भी तेज गति से तलवार चला रहे थे।

Vishwashrao Peshwa की मृत्यु कैसे हुई

14 जनवरी 1761 के दिन शक्कर का पानी पीकर युद्ध लड़ रहे विश्वास राव के कंधे पर तीर जाकर लगा। तभी अचानक पश्तून के एक अधिकारी ने दिन के करीब 1:00 बजे से लेकर 2:30 बजे के बीच गोली चलाई जो सीधी विश्वासराव के सर में जाकर लगी और वह धड़ाम से नीचे गिर पड़े।

विश्वासराव के नीचे गिरते ही मराठा सैनिकों का हौसला भी गिर गया मराठी सेना ने अपनी सुध-बुध खो दी। जब यह बात मल्हार राव होलकर को पता चली तो वह 10000 सैनिकों के साथ Vishwashrao Peshwa को युद्ध मैदान में ढूंढने लगे।

विश्वास राव की मौत की खबर सुनकर दामोजी गायकवाड, मल्हार राव होलकर और सभी सैनिक स्तब्ध रह गए। जिस विश्वासराव में उनके दादा बाजीराव प्रथम की झलक देखने को मिलती थी उन्होंने पानीपत के तीसरे युद्ध में अपनी देह त्याग दी यह न सिर्फ उनके परिवार के लिए जबकि संपूर्ण मराठा साम्राज्य के लिए एक बहुत बड़ी क्षति थी।

जिस तरह से कम आयु में वह सेना का नेतृत्व कर रहे थे जिस तरह कि उनकी युद्ध प्रणाली थी और दुश्मनों पर आक्रामक रूप से वार करने का जो तरीका था वह उन्हें सबसे अलग बनाता था। कहते हैं कि अगर Vishwashrao Peshwa जिंदा होते तो मराठा साम्राज्य का इतिहास कुछ और होता।

सन 1994 ईस्वी में  “The Great Maratha” नामक सीरियल में संजय शर्मा ने विश्वासराव के कैरेक्टर को बखूबी निभाया था। जबकि वर्ष 2019 में आई “बॉलीवुड फिल्म पानीपत” में अभिषेक निगम ने Vishwashrao Peshwa का रोल बहुत ही शानदार तरीके से प्रस्तुत किया था।