मोबाइल लत क्या हैं? बच्चों कि मोबाइल लत छुड़ाने के 8 आसान तरीके

बच्चों में मोबाइल लत आजकल आम बात हो गई हैं, चाहे बड़े हो या बच्चे सभी ज्यादातर समय मोबाइल से चिपके रहते हैं. भारत के बच्चों में मोबाइल की लत एक बड़ी समस्या बनकर सामने आया हैं. सुबह उठने से लेकर रात में सोने तक बच्चे मोबाइल से चिपके रहते हैं. कुछ बच्चे मोबाइल में गेम खेलते हैं तो कुछ बच्चे कार्टून देखते हैं और कुछ यूट्यूब या अन्य किसी सोशल मिडिया साइड पर रील्स देखते रहते हैं.

आजकल के बच्चे खाना खाते समय, सोते समय और स्कूल से आने के बाद लगातार मोबाइल देखते रहते हैं. मोबाइल के प्रति उनका यह लगाव ही मोबाइल लत (Mobile Addiction In Childrens) कहलाता हैं. अगर आप या आपका बच्चा भी मोबाइल लत (Mobile Addiction) का शिकार हैं तो यह लेख आपके लिए हैं. इस लेख में हम मोबाइल लत क्या हैं? (What is mobile addiction), कैसे पता लगाए कि आपके बच्चे को मोबाइल लत लगी हैं, मोबाइल लत छुड़ाने के तरीके क्या हैं (Ways to get rid of mobile addiction) और इससे सम्बंधित अन्य टॉपिक पर भी हम चर्चा करेंगे.

मोबाइल लत क्या हैं? (What is mobile addiction)

लत का अर्थ हैं “आदत” अथवा किसी चीज या काम का आदि हो जाना या उसके बिना नहीं रह पाना ही लत हैं. यदि आप या आपका बच्चा आवश्यकता से अधिक मोबाइल से चिपका रहता हैं या हर समय मोबाइल के रोता हैं और अत्यधिक जिद्द करता हैं तो इसका मतलब यह हुआ कि उसको मोबाइल की लत (Mobile Addiction) लग चुकी हैं.

बच्चे जो दिन भर मोबाइल से चिपके रहे, मोबाइल के लिए ज़िद्द करे और मोबाइल ना मिलने पर जोर-जोर से रोए, खाना खाते समय और रात को बिना मोबाइल दिए नहीं सोते हैं तो यही बच्चों में मोबाइल लत कहलाती हैं.

कैसे पता करें कि बच्चे को मोबाइल लत लगी हैं? मोबाइल लत के लक्षण

वैसे ही बच्चे के व्यवहार से यह पता चल जाता हैं कि बच्चे को मोबाइल की लत लगी हैं या नहीं फिर के पेरेंट्स यह नहीं समझ पते हैं कि उनके बच्चे या बच्चा मोबाइल लत का शिकार हैं या नहीं तो यहाँ हम आपको कुछ जानकारी दे रहे हैं जिससे आप आसानी के साथ यह पता लगा सकें कि बच्चे को मोबाइल लत लगी हैं या नहीं? अगर आपको निचे बताए गए लक्षणों में से कुछ भी दिखाए दें तो तुरंत समझ जाए कि आपका बच्चा मोबाइल लत का शिकार हो चूका हैं.

बच्चों में मोबाइल लत के लक्षण निम्नलिखित हैं-

[1]. सुबह उठते ही मोबाइल की माँग-

यदि कोई बच्चा सुबह उठते ही आपसे मोबाइल मांगता हैं या आसपास में रखा मोबाइल हाथ में लेता हैं तो आपको सावधान रहने की जरुरत हैं. सुबह उठते ही मोबाइल की माँग करना मोबाइल लत का लक्षण हैं.

[2]. खाना खाते समय मोबाइल देखना-

वैसे खाना कहते समय किसी को भी मोबाइल का उपयोग नहीं करना चाहिए फिर चाहे बड़े हो या बच्चे लेकिन यदि आपका बच्चा बिना मोबाइल के खाना नहीं खाता हैं तो आपको यह समझ लेना चाहिए कि उसको मोबाइल लत लग चुकी हैं.

[3]. मोबाइल देखते समय कुछ ना सुनना

जब कोई बच्चा मोबाइल में इतना खो जाता हैं कि उसको बार-बार आवाज लगाने के बाद भी नहीं सुनता हैं तो समझो उसको मोबाइल लत लग चुकी हैं. यह एक गंभीर समस्या हैं.

[4]. सोते समय मोबाइल देखना-

कई बच्चे ऐसे होते हैं जो सोते समय मोबाइल देखते हैं या बिना मोबाइल देखे नींद नहीं आती हैं तो आपको तत्काल सावधान हो जाने की जरुरत हैं.

[5]. मोबाइल के ज़िद्द और रोना-

मोबाइल के लिए अधिक ज़िद्द करना और ना देने पर रोना भी मोबाइल की लत लग जाने का लक्षण हैं.

[6]. दिन भर मोबाइल में खोए रहना-

जो बच्चे दिन भर किसी ना किसी बहाने मोबाइल में खोए रहते हैं समझों उनको मोबाइल की लत लग गई हैं.

बच्चों कि मोबाइल लत छुड़ाने के तरीके या उपाय

जिन बच्चों में मोबाइल की लत लग चुकी हैं उनके माता-पिता दिन भर इसी चिंता में रहते हैं कि आखिर कैसे अपने बच्चे को मोबाइल की लत से दूर किया जाए? इसका समाधान करने के लिए हम आपको यहाँ कुछ आसान तरीके बताने जा रहे हैं जिससे आप अपने बच्चों कि मोबाइल लत को छुड़ा सकें.

बच्चों कि मोबाइल लत छुड़ाने के 8 आसान तरीके निन्मलिखित हैं-

[1]. बच्चों को बचपन में मोबाइल से दूर रखें-

बच्चों में मोबाइल की आदत लगने की शुरुआत बचपन से ही होती हैं जब हम पहली बार उनको मोबाइल हाथ में देते हैं. एक बार बच्चे के हाथ मोबाइल लगता हैं तो उसमें उसको मज़ा आने लगता हैं और फिर वो बार-बार मोबाइल की मांग करता हैं. ऐसे में ध्यान देने योग्य बात यह हैं कि आप शुरू से अपने बच्चे को मोबाइल से दूर रखें ताकि उसको मोबाइल लत ही ना लगे. यह कहना गलत नहीं होगा कि बचाव ही उपाय है.

[2] बच्चों को समय दें-

आज की भाग-दौड़ भरी ज़िन्दगी में माता-पिता को अपने बच्चों के लिए बिलकुल भी समय नहीं हैं. बच्चों को इस उम्र में सबसे ज्यादा जरुरत माता-पिता के प्रेम की होती हैं. पेरेंट्स द्वारा समय नहीं दिए जाने के कारण बच्चों का लगाव टीवी या मोबाइल की तरफ बढ़ता हैं क्योंकि वहाँ उनको तरह-तरह की चीजे देखने को मिलती हैं.

अगर आपके बच्चे को भी मोबाइल की लत लग चुकी हैं तो आज से ही आप उनको समय देने की शुरुआत करें जिससे उन पर पड़ा मोबाइल का प्रभाव धीरे-धीरे कम होने लगेगा.

[3] डांटे नहीं उनको टास्क दें-

जब किसी बच्चे को मोबाइल की लत लग जाती हैं और उसको मोबाइल से दूर करने के डांटा या फटकारा जाता हैं तो वह चिड़चिड़ा हो जाता हैं. आपको बच्चे को बिलकुल भी नहीं डांटना हैं बल्कि उसको नए-नए टास्क देना हैं ताकि वह उनमें व्यस्त हो जाए और खुद-ब-खुद मोबाइल से दुरी बना लें. जैसे किसी स्थान पर रखी वस्तु को लेकर आना, गुब्बारे को हवा में उछालकर पकड़ना और जो भी आपको अपने अनुसार उचित लगे उस काम को करवाएँ.

[4] आउटडोर खेल के लिए प्रोत्साहित करें-

आजकल के बच्चे मोबाइल में गेम खेलना ज्यादा पसंद करते हैं और माता पिता भी अपने बच्चों को बाहर खेलने के लिए जाने नहीं देते हैं ऐसे में स्वाभाविक रूप से बच्चे मोबाइल के आदि हो जाते हैं. मोबाइल की लत छुड़ाने का यह सबसे आसान और कारगार उपाय हैं कि आप अपने बच्चे को आउटडोर गेम खेलने के लिए मोहल्ले के बच्चों के साथ भेजें या स्वयं लेकर जाए.

जैसे बैटमिंटन, क्रिकेट और पार्क में झुले या अन्य खेल.

[5] खुद बच्चों के सामने मोबाइल उपयोग में ना लें-

बच्चों का पहला टीचर पेरेंट्स होते हैं अगर आप बच्चों के सामने ज्यादातर समय मोबाइल चलाते हैं तो निश्चित तौर पर आपको देखकर उनका मोबाइल के प्रति रुझान बढ़ेगा. अतः आप बच्चों के सामने मोबाइल अतिआवश्यक होने पर ही लें.

[6] साथ बैठकर होम वर्क कराएं-

बच्चों को अपने पास में बैठाकर होमवर्क करवाएँ और खुद पढ़ाए ताकि उनका मन मोबाइल में कम पढ़ाई में ज्यादा लगे. साथ ही आप अपने बच्चों को ट्यूशन भेजकर उनका ज्यादातर समय पढाई में लग सकते हैं जिससे उनको मोबाइल चलाने का समय ही नहीं मिलेगा.

[7] मोबाइल पासवर्ड का उपयोग करें-

हमेशा आपके मोबाइल में पासवर्ड लगाकर रखें ताकि आपकी अनुउपस्थित में बच्चा मोबाइल काम में ना ले सकें.

[8] इंटरनेट बंद रखें-

बच्चे ज्यादातर समय मोबाइल में गेम खेलकर या कार्टून देखकर टाइम पास करते हैं, ऐसे में यदि आप अपने मोबाइल का डाटा ऑफ रखेंगे तो अच्छा होगा.

बच्चों में मोबाइल के हानिकारक प्रभाव

बच्चों में मोबाइल लत के हानिकारक प्रभाव निम्नलिखित हैं-

[1] चिड़चिड़ापन

[2] आँखों पर प्रभाव

[3] नींद में बात करना

[4] पढ़ाई से दुरी

[5] शारीरिक कमजोरी

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