झलकारी बाई का इतिहास || History Of Jhalkari Bai

झांसी की रानी लक्ष्मीबाई को जानने वाले ज्यादातर लोग यह नहीं जानते कि झलकारी बाई कौन थी? हालांकि यह हमारे इतिहासकरों की गलती रही हैं कि झलकारी बाई का इतिहास आम जन तक नहीं पहुंचा पाए. झलकारी बाई ने रानी लक्ष्मीबाई के साथ अंग्रेजों से लोहा लिया था. 1857 की इस क्रांति ने झांसी की … Read more

रानी लक्ष्मीबाई का झलकारी बाई से क्या संबंध था?

रानी लक्ष्मीबाई का झलकारी बाई से क्या संबंध था? यह बताने से पहले यह जानना जरूरी है कि झलकारी बाई कौन थी? 22 नवंबर 1830 को जन्मी झलकारी बाई निडर, निर्भीक और वीर थी. झलकारी बाई के प्रारंभिक जीवन से रानी लक्ष्मीबाई से कोई संबंध नहीं था. लेकीन कहते हैं कि भगवान ने जो लिख … Read more

वाकाटक वंश का इतिहास || History Of vakataka Vansh

वाकाटक साम्राज्य/वाकाटक वंश का इतिहास बहुत प्राचीन है, इस वंश का उल्लेख पुराणों में भी मिलता है और साहित्य में भी इसकी झलक देखने को मिलती है. वाकाटक वंश की स्थापना 255 ईस्वी में राजा “विंध्यशक्ति” द्धारा की गई थी. इस वंश का सबसे प्रसिद्ध और शक्तिशाली शासक था प्रवरसेन प्रथम जिन्होंने अपने कार्यकाल में … Read more

मार्तंड सूर्य मंदिर का इतिहास

मार्तंड सूर्य मंदिर का इतिहास आज से लगभग 1400 वर्ष पुराना है. इसका निर्माण 7वीं और 8वीं सदी के मध्य किया गया था. कश्मीर का मार्तंड सूर्य मंदिर उत्तर भारत का एक मात्र सूर्य मंदिर है. मार्तंड का अर्थ होता हैं सुर्य अर्थात् सूर्य का पर्यायवाची शब्द है मार्तंड. उस समय मार्तंड सूर्य मंदिर विश्व … Read more

पौरव वंश का इतिहास || History Of Paurava Vansh

पौरव वंश का इतिहास या पर्वताकार वंश उत्तराखंड का राजवंश है. पौरव वंश के प्रथम शासक विष्णुवर्मन प्रथम थे. इस वंश की स्थापन छठी शताब्दी से लेकर आठवी शताब्दी के मध्य हुई थी. पौरव वंश का इतिहास बताने वाले इतिहासकार लिखते हैं कि यह वंश राजा हर्ष के बाद का हैं और पौरववंश में जन्में … Read more

थार मरुस्थल का इतिहास और उत्पत्ति || History Of Thar Marusthal

थार मरुस्थल राजस्थान में स्थित है. थार के मरुस्थल का 85% भाग भारत में जबकि 15% भाग पाकिस्तान में आता हैं. यह भारत का सबसे बड़ा मरुस्थल है. भारत के थार मरुस्थल का 61.11% भाग राजस्थान में आता है। थार मरुस्थल को “महान भारतीय मरुस्थल” के नाम से भी जाना जाता है. भारतीय उपमहाद्वीप के … Read more

भारत को सोने की चिड़िया किसने कहा?

भारतवर्ष को पहली बार किसने और कब “सोने की चिड़िया” कहा था? यह प्रश्न कई लोगों के दिमाग़ में होगा। उज्जयिनी नगरी के राजा विक्रमादित्य के समय में भारत धन और धान्य से परिपूर्ण था. चारों तरफ खुशहाली और संपन्नता थी इनके शासनकाल में जनता बहुत समृद्ध थी, इसलिए राजा विक्रमादित्य के शासनकाल में भारत … Read more

सातवाहन वंश सामान्य ज्ञान || satvahan Vansh GK

सातवाहन वंश सामान्य ज्ञान प्रश्नोत्तरी (satvahan Vansh GK) एक बहुत ही महत्त्वपूर्ण टॉपिक हैं। सातवाहन वंश का इतिहास भारत के लिए गौरवपूर्ण रहा हैं। इस महान वंश में कई नामी प्रतापी राजाओं ने जन्म लिया जिनमें गौतमीपुत्र सातकर्णि का नाम भारत का प्रत्येक व्यक्ति जानता है। विभिन्न प्रतियोगिता परीक्षाओं में इस वंश से संबंधित सामान्य … Read more

सातवाहन वंश का इतिहास और पतन के 8 कारण

सातवाहन वंश का इतिहास भारतीय इतिहास की जड़ है. यह वंश एक प्राचीन मराठा राजवंश है जिसका कार्यकाल लगभग 300 वर्ष रहा. सातवाहन वंश की स्थापना सिमुक नामक राजा ने की थी इसकी स्थापना का समय 260 ईसा पूर्व से लेकर 60 ईसा पूर्व के मध्य का माना जाता हैं. सातवाहन वंश की राजधानी प्रतिष्ठान … Read more

गौतमीपुत्र सातकर्णि इतिहास || History Of Gautamiputra satakarni

गौतमीपुत्र सातकर्णि सातवाहन वंश का सबसे प्रसिद्ध शासक था। इन्हें वर्दिया (जिन्हें वरदान मिला हो) के नाम से भी जाना जाता है, भगवान में बहुत विश्वास करने वाले राजा थे। जब गौतमीपुत्र सातकर्णि सातवाहन वंश के सम्राट बने उस समय सातवाहन वंश कमजोर स्थिति में था और अपनी महान प्रतिष्ठा को खो चुका था। इसी … Read more