अक्सर लोग यह पूछते हैं कि चन्द्रगुप्त मौर्य और हेलिना की शादी की वजह क्या थी? क्या यह एक प्रेम कहानी थी या भारतीय इतिहास के महान राजनीतिज्ञ आचार्य चाणक्य की कोई गहरी कूटनीति?
प्राचीन भारतीय इतिहास में कई ऐसे मोड़ आए या घटनाएँ घटी जिनकी वजह से न केवल भारत का नक्शा बदला, बल्कि विदेशी ताकतों के साथ भारत के संबंधों को भी एक नई दिशा मिली। ऐसी ही एक ऐतिहासिक और दूरगामी घटना में से एक थी- चन्द्रगुप्त मौर्य और हेलिना का विवाह।
यह केवल दो व्यक्तियों का मिलन नहीं था, बल्कि दो महान सभ्यताओं (भारतीय और यूनानी) के बीच पहला संधि-सम्बन्ध था।
चन्द्रगुप्त मौर्य और सेल्यूकस निकेटर का युद्ध
पहले आप यह टेबल देखें-
| विवरण | तथ्य या जानकारी |
| सम्राट का नाम | चन्द्रगुप्त मौर्य |
| यूनानी राजकुमारी | हेलिना (Helena) |
| हेलिना के पिता | सेल्यूकस निकेटर (Seleucus Nicator) |
| संधि का समय | लगभग 305 ईसा पूर्व |
| शादी का कारण | चाणक्य की राजनितिक कूटनीति |
| प्राप्त क्षेत्र | काबुल, कंधार, हेरात और बलूचिस्तान |
इस कहानी की असली शुरुआत सिकंदर (Alexander The Great) की मौत के बाद हुई थी। सिकंदर के सेनापति सेल्यूकस निकेटर ने एशिया के अधिकतर हिस्से पर कब्जा कर लिया था। लेकिन जब वो भारत के उत्तर-पश्चिमी सीमाओं पर अपना अधिकार जमाना चाहा, तो उसका सामना चन्द्रगुप्त मौर्य से हुआ।
लगभग 350 ईसा पूर्व में दोनों के मध्य युद्ध हुआ, इस युद्ध में सेल्यूकस निकेटर की हार हुई। दोनों के बीच में संधि हुई और इसके परिणामस्वरुप चन्द्रगुप्त को काबुल, कंधार, हेरात और बलूचिस्तान जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र मिले।
चन्द्रगुप्त मौर्य और हेलिना की शादी की वजह
दोस्तों जैसा की आप जानते हैं हेलिना के पिता का नाम सेल्यूकस निकेटर था जो की सिकंदर की सेना के प्रमुख यूनानी कमाण्डर थे. अब आप सोच रहे होंगे की आखिर ऐसी क्या वजह रही जिसके चलते दुश्मनों की बेटी से चन्द्रगुप्त को विवाह करना पड़ा? तो आपको बता दें कि इस शादी के पीछे महान राजनीतिज्ञ चाणक्य का दिमाग था. हेलिना का विवाह पहले सेंड्रोकोटोस के साथ हुआ था लेकिन हेलिना की भारतीय सभ्यता में गहरी रूचि थी वह संस्कृति और भाषा समझती थी. साथ ही उसके लिए यह भी कहा जाता हैं की वह संस्कृत की एक अच्छी विद्वान् भी थी.
अब आपको बताते हैं इस शादी के पीछे की मुख्य वजह
वैसे तो हेलिना इतिहास के पन्नों में आज भी एक रहस्य बनी हुई हैं और इस शादी के सम्बन्ध में कोई ऐतिहासिक प्रमाण भी मौजूद नहीं हैं लेकिन कहा जाता हैं की मौर्य और यूनानी संबंधों को मजबूत करने के लिए हेलिना का विवाह चंद्रगुत मौर्य के साथ हुआ था.