मोहर मंगरी (Mohar Magri) या चित्तौड़ी बुर्ज का इतिहास.

मोहर मंगरी (Mohar Magri) चित्तौड़गढ़ दुर्ग की दक्षिण दिशा में स्थित हैं। मोहर मंगरी का इतिहास लगभग 500 वर्ष पुराना है। सन 1568 ईस्वी में इसका निर्माण हुआ था। यह मिट्टी का एक बहुत बड़ा ढेर हैं। इसका निर्माण मजदूरों द्धारा किया गया और अंत में उन्हें मौत के घाट उतार दिया गया। मोहर मंगरी … Read more

भोजराज सिंह सिसोदिया का इतिहास || History Of Bhojraj

भोजराज सिंह सिसोदिया जिसे हम भोजराज के नाम से जानते हैं। भोजराज को उनकी पत्नी मीराबाई की वजह से जाना जाता हैं। इतना ही नहीं मेवाड़ के महानतम शासकों में शामिल महाराणा सांगा के बड़े पुत्र थे। महाराणा सांगा के जीवनकाल में ही इनकी मृत्यू हो गई थी, यही वजह रही कि ज्यादतर लोग इनके … Read more

बनवीर का इतिहास || History Of Banveer

बनवीर सिंह का सम्बन्ध मेवाड़ से हैं, जिन्हें वनवीर नाम से भी जाना जाता हैं। बनवीर सिंह मेवाड़ के महान शासक महाराणा सांगा के बड़े भाई पृथ्वीराज सिंह सिसोदिया के पुत्र थे, जिन्होंने एक दासी के गर्भ से जन्म लिया था। दासी पुत्र बनवीर सिंह सन 1536 ईस्वी से लेकर 1540 ईस्वी तक मेवाड़ के … Read more

महाराणा विक्रमादित्य का इतिहास || History Of Maharana Vikramaditya

महाराणा विक्रमादित्य सिंह, रतन सिंह द्वितीय की मृत्यु के पश्चात मेवाड़ के उत्तराधिकारी थे। मेवाड़ के सरदारों और उमराव ने मिलकर रणथंभोर में रहने वाली हाड़ी कर्मवती को मेवाड़ में आमंत्रित किया, क्योंकि मेवाड़ के महाराणा रतन सिंह द्वितीय की मृत्यु के पश्चात महाराणा विक्रमादित्य ही मेवाड़ के सच्चे उत्तराधिकारी थे। विक्रम संवत के अनुसार … Read more

महाराणा रतन सिंह द्वितीय का इतिहास || History Of Maharana Ratan Singh II

महाराणा रतन सिंह द्वितीय, महाराणा सांगा (संग्राम सिंह) के पुत्र थे। महाराणा सांगा के 7 पुत्र थे जिनमें से तीन पुत्रों की मृत्यु महाराणा सांगा के जीवित रहते ही हो गई। 30 January 1528 ईस्वी को महाराणा सांगा के पुत्र महाराणा रतन सिंह द्वितीय मेवाड़ के महाराणा बने क्योंकि जीवित बचे तीन भाइयों विक्रमादित्य, उदय … Read more

महाराणा सांगा की छतरी कहां है?

महाराणा सांगा की छतरी कहां स्थित हैं, यह जानने से पहले आपको बता दें कि जब खानवा के युद्ध में महाराणा सांगा घायल हो गए, तब अपनी सेना के साथ वह मेवाड़ की तरफ़ लौट पड़े। खानवा के युद्ध में महाराणा सांगा के शरीर पर 80 घाव लगे, जिसके चलते उन्होंने अपने साथियों से कहा … Read more

खानवा का युद्ध || History Of Khanwa War

खानवा का युद्ध बाबर और महाराणा सांगा के बीच लड़ा गया था। यह युद्ध 16 मार्च 1527 के दिन आगरा से 35 किलोमीटर दूर खानवा नामक गांव में लड़ा गया था। महाराणा सांगा और बाबर के बीच लड़ा गया खानवा का युद्ध इतिहास के सबसे भीषण और भयानक युद्ध में शामिल हैं। इस युद्ध में … Read more

महाराणा सांगा का इतिहास || History Of Maharana Sanga

महाराणा सांगा (संग्राम सिंह) मेवाड़ और चित्तौड़गढ़ के इतिहास के वीर और प्रतापी राजा थे। महाराणा सांगा का इतिहास और महाराणा सांगा की कहानी शुरू होती हैं 12 अप्रैल 1482 से, इस दिन राणा रायमल के तीसरे पुत्र के रूप में महाराणा सांगा जन्म हुआ था। न्यायप्रिय महाराणा सांगा के दो भाई भी थे जिनका नाम पृथ्वीराज … Read more

महाराणा प्रताप की मृत्यु कैसे हुई?

आज भी कई लोगों के मन में यह सवाल है कि आखिर महाराणा प्रताप की मृत्यु कैसे हुई? क्या महाराणा प्रताप की मृत्यु सामान्य रूप से हुई या किसी लंबी बीमारी के चलते महाराणा प्रताप की मृत्यु हुई, इस सब सवालों का जवाब आपको इस लेख में मिलेगा। साथ ही आप यह भी जान पायेंगे … Read more

पृथ्वीराज चौहान के काका कन्ह का इतिहास || History Of Kaka kanha

पृथ्वीराज चौहान के काका का नाम कन्ह था। काका कन्ह को गुस्सा बहुत आता था साथ ही काका कन्ह ने एक प्रतिज्ञा ले रखी थी कि यदि कोई उनके सामने मूछों पर ताव देगा तो वो उसका सर धड़ से अलग कर देंगे। पृथ्वीराज चौहान के जीवन और वीरता पर आधारित फिल्म आ रही हैं … Read more