कुषाण वंश सामान्य ज्ञान || Kushan Vansh GK

कुषाण वंश भारत के अतिप्राचीन राजवंशों में शामिल हैं। कुषाण वंश से संबंधित प्रश्न (कुषाण वंश Question Answer या Kushan Vansh GK) कई परीक्षाओं में पूछे जाते हैं. विद्यार्थियों के लिए उपयोगी कुषाण वंश से संबंधित 60 प्रश्न (Kushan Vansh GK) और उत्तर इस लेख में आप पढ़ सकेंगे। कुषाण वंश सामान्य ज्ञान (Kushan Vansh … Read more

कुषाण वंश का इतिहास || History Of kushan vansh

कुषाण वंश भी भारत के प्राचीन वंशों में शामिल है। कुषाण वंश का इतिहास चीनी ग्रंथों पर आधारित है। चीनी ग्रंथों का अध्ययन करने से ज्ञात होता है कि कुषाण कोयू-ची के थे जो चीन में कानसू नामक स्थान पर रहते थे। बीते समय के साथ कोयू-ची जाति का विभाजन हो गया और यह जाति … Read more

शक वंश का इतिहास || History Of Shak Vansh

शक वंश भारत के प्राचीन राजवंशों में शामिल में हैं। शक वंश के राजाओं ने ही कैलेंडर “शक संवत्” की शुरुआत की थी। शक वंश का इतिहास उठाकर देखा जाए तो शक और कुषाण दोनों एक ही कबीले से निकले हुए हैं। वर्तमान समय में दक्षिणी ईरान और उज्बेकिस्तान का जो हिस्सा है वह प्राचीन … Read more

धनानंद की मृत्यु के पश्चात अमात्य राक्षस का क्या हुआ?

मौर्य वंश और नन्द वंश के अधिकत्तर जानकार यह भी जानना चाहते हैं कि आखिर धनानंद की मृत्यु के पश्चात् उनके प्रधानमंत्री अर्थात अमात्य राक्षस कहाँ चले गए या उनके साथ क्या हुआ. यह लेख पूरा पढ़ें ताकि आप जान पाए कि वास्तव में धनानंद की मृत्यु के पश्चात् अमात्य राक्षस का क्या हुआ? धनानंद … Read more

नंद वंश सामान्य ज्ञान || Nand Vansh GK

नंद वंश से संबंधित सामान्य ज्ञान प्रश्नोत्तरी (Nand Vansh GK) कई प्रतियोगिता परीक्षाओं में पूछे जाते हैं,विद्यार्थियों की सुविधार्थ नन्द वंश से सम्बंधित महत्वपूर्ण प्रश्नों का समावेश किया गया हैं. इस लेख में नन्द वंश से सम्बंधित 40 अतिमहत्वपूर्ण प्रश्नों (Nand Vansh GK) का उत्तर सहित समावेश हैं। नंद वंश सामान्य ज्ञान (Nand Vansh GK) … Read more

नंद वंश का इतिहास || History Of Nand Vansh

नंद वंश का इतिहास बहुत प्राचीन है, जिसका कार्यकाल 344 ई. पू. से 322 ई. पू. तक रहा। भारत के सबसे प्राचीन राजवंशों में से एक नंद वंश को “महापद्मनंद” नाम से भी जाना जाता हैं। यह वंश शिशुनाग वंश के बाद और मौर्य साम्राज्य से पूर्ववर्ती था। चौथी-पांचवीं शताब्दी ईसा पूर्व में नंद वंश … Read more

शिशुनाग वंश का इतिहास || History Of Shishunaga Vansh

“शिशुनाग वंश” भारत के अत्यंत प्राचीन राजवंशों में से एक हैं। shishunaga dynasty के शासकों ने भारत में 413 ईसा पूर्व से 345 ईसा पूर्व तक शासन किया। हर्यक वंश के पतन के साथ ही शिशुनाग वंश अस्तित्व में आया। पुराणों का अध्ययन करने से पता चलता है कि शिशुनाग क्षत्रीय थे। शिशुनाग के बारे … Read more

सूर्यवंश का इतिहास || History Of Suryavansh

सूर्यवंश या सौर राजवंश आदिकाल से ही प्रथम और सबसे प्राचीन राजवंश और हमारे इतिहास का गौरव हैं। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार भी सूर्यवंश इतिहास का सबसे प्राचीन राजवंश हैं। इतिहास में सूर्यवंश क्षत्रीय राजवंशों के दो सबसे पुराने राजवंशों जिसमें सूर्यवंश और चंद्रवंश में शामिल हैं। सबसे पहले कश्यप नाम के व्यक्ती हुए जिनका … Read more

मोहर मंगरी (Mohar Magri) या चित्तौड़ी बुर्ज का इतिहास.

मोहर मंगरी (Mohar Magri) चित्तौड़गढ़ दुर्ग की दक्षिण दिशा में स्थित हैं। मोहर मंगरी का इतिहास लगभग 500 वर्ष पुराना है। सन 1568 ईस्वी में इसका निर्माण हुआ था। यह मिट्टी का एक बहुत बड़ा ढेर हैं। इसका निर्माण मजदूरों द्धारा किया गया और अंत में उन्हें मौत के घाट उतार दिया गया। मोहर मंगरी … Read more

भोजराज सिंह सिसोदिया का इतिहास || History Of Bhojraj

भोजराज सिंह सिसोदिया जिसे हम भोजराज के नाम से जानते हैं। भोजराज को उनकी पत्नी मीराबाई की वजह से जाना जाता हैं। इतना ही नहीं मेवाड़ के महानतम शासकों में शामिल महाराणा सांगा के बड़े पुत्र थे। महाराणा सांगा के जीवनकाल में ही इनकी मृत्यू हो गई थी, यही वजह रही कि ज्यादतर लोग इनके … Read more