पेन का इतिहास क्या हैं? फाउंटेन पेन का आविष्कार किसने किया था?

क्या आप जानते हैं कि पेन का इतिहास क्या हैं? या फिर फाउंटेन पेन का आविष्कार किसने किया? या फिर यह कहे कि पेन का आविष्कार किसने किया? अगर आपका उत्तर हैं नहीं, तो यह लेख पुरा पढ़ें। पेन एक ऐसा उपकरण होता हैं, जो स्याही को पेपर पर उतारने का काम करता हैं। पेन … Read more

राणा कुम्भा महल चित्तौडग़ढ़ || History Of Rana Kumbha Mahal Chittorgarh

वीरान और खण्डहर पड़ा कुम्भा महल सदियों से महाराणा कुम्भा की गाथाएं सुना रहा हैं लेकीन सुनने वाला कोई नहीं। Rana Kumbha Mahal Chittorgarh अभी जर्जर हालत में हैं। चित्तौड़गढ़ के सुरवीर राजा महाराणा कुम्भा द्वारा इस भव्य महल का निर्माण 15वीं सदी में करवाया था। कुंभा महल के बारे में कहा जाता है कि … Read more

नीलकंठ वर्णी की मृत्यु कैसे हुई ?

नीलकंठ वर्णी की मृत्यु अर्थात् भगवान स्वामीनारायण की मृत्यु 1 जून 1831 को हुई थी। मृत्यु एक शाश्वत सत्य है, जिसने भी जन्म लिया है उसकी मृत्यु अवश्य होगी। यह विधि का विधान है, और इसे कोई नहीं बदल सकता है। नीलकंठ वर्णी अर्थात् भगवान स्वामीनारायण ने मनुष्य रुप में जन्म लिया था। इसी वजह … Read more

स्वामीनारायण संप्रदाय का इतिहास || History Of swaminarayan sampraday

स्वामीनारायण सम्प्रदाय का इतिहास बहुत पुराना हैं। इस सम्प्रदाय को पहले उद्धव संप्रदाय के नाम से जाना जाता था। स्वामीनारायण या नीलकंठ वर्णी को स्वामीनारायण संप्रदाय का जनक या संस्थापक माना जाता हैं। स्वामीनारायण संप्रदाय के प्रवर्तक नीलकंठ वर्णी या सहजानंद जी का जन्म उत्तरप्रदेश के गोंडा जिले के छपिया नामक गाँव में हुआ था। वर्तमान … Read more

महाराणा कुम्भा का इतिहास || History Of Maharana Kumbha

महाराणा कुम्भा का इतिहास मेवाड़ की राजनीती में बहुत महत्वपूर्ण हैं. महाराणा मोकल की मृत्यु के पश्चात उनके पुत्र महाराणा कुंभा जिन्हें महाराणा कुंभकरण के नाम से भी जाना जाता है विक्रम संवत् 1490 मतलब कि 1433 ईस्वी में मेवाड़ की राजगद्दी पर बैठा। राणा कुम्भा ने मेवाड़ पर 1433 से लेकर 1468 तक राज … Read more

रक्तबीज की कहानी, रक्तबीज और महाकाली की लड़ाई || Raktbeej

रक्तबीज का अर्थ होता है, रक्त से निकले हुए बीज अर्थात रक्त से उत्पन्न होने वाला एक नया जीव। रक्तबीज (Raktbeej) एक दैत्य था. रक्तबीज और महाकाली की लड़ाई हुई थी जिसमें माता पार्वती ने महाकाली का रुप धारण कर रक्तबीज का वध किया था. धार्मिक मान्यता के अनुसार आज से लाखों वर्ष पूर्व इस … Read more

हीरामन तोता की कहानी (Hiraman Tota Ki Kahani)- रानी पदमनी का सतरंगी तोता

हीरामन तोता की कहानी (Hiraman Tota) बहुत ऐतिहासिक हैं। एक तोता जिसने राजकुमारी पद्मिनी और चित्तौड़ के राजा रावल रतन सिंह को शादी के बंधन में बांधने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई। हीरामन तोता की कहानी का प्रारंभ (Hiraman Tota ki kahani) 12वीं शताब्दी का अंत हो रहा था, यह आज से लगभग 721 साल पहले … Read more

पद्मिनी महल चित्तौड़गढ़ इतिहास || History Of Padmini Mahal

पद्मिनी महल चित्तौड़गढ़ इतिहास (Padmini Mahal)– राजस्थान के मुख्य पर्यटन स्थानों में शामिल, रावल रतन सिंह और महारानी पद्मिनी के प्रेम की निशानी पद्मिनी महल (Padmini Mahal) आज भी सीना तान कर खड़ा हैं। पद्मिनी महल (पदमनी महल) की सुंदरता और भव्यता पर्यटकों का मन मोह लेती है। जब बप्पा रावल के अंतिम वंशज रावल … Read more

रावल रतन सिंह का इतिहास || History Of Rawal Ratan Singh

रावल रतन सिंह का इतिहास और जीवन परिचय मेवाड़ के इतिहास में महत्वपूर्ण स्थान रखता हैं। रावल रतन सिंह (Rawal Ratan Singh) की पत्नी का नाम महारानी पद्मिनी था। 13वीं शताब्दी के प्रारंभ में मेवाड़ (चित्तौड़) के शासक बने, इनका का कार्यकाल बहुत छोटा रहा लेकिन मेवाड़ के इतिहास में अधिक छाप छोड़ी। चित्तौड़ के … Read more

ढाई दिन का झोंपड़ा का इतिहास || Adhai din ka jhonpda

ढाई दिन का झोंपड़ा का निर्माण किसने करवाया था, कि जगह पहले यह जान लेना चाहिए कि कैसे करवाया था? आपकी जानकारी के लिए बता दें कि कुतुबुद्दीन ऐबक ने वहां पर पहले से मौजूद संस्कृत महाविद्यालय को तोड़कर इसे मस्जिद का रुप दिया था। ढाई दिन का झोंपड़ा का निर्माण 1194 ईस्वी में हुआ … Read more