पृथ्वीराज चौहान की कहानी || Story Of Prithviraj Chauhan

पृथ्वीराज चौहान की कहानी बहुत दिलचस्प और ऐतिहासिक हैं। पृथ्वीराज चौहान की कहानी एक ऐसे वीर की जो बाल्यावस्था में राजा बना और बड़े-बड़े बादशाहों को झुका दिया। शब्दभेदी बाण का अभ्यास इन्होंने बचपन से ही शुरू कर दिया। ये चौहान वंश के अंतिम सम्राट थे। इनके पश्चात् कोई ऐसा हिन्दू राजा इस साम्राज्य में … Read more

पृथ्वीराज चौहान की पत्नी संयोगिता का क्या हुआ?

भारत के स्वर्णिम इतिहास में शामिल पृथ्वीराज चौहान की मृत्यु के पश्चात पृथ्वीराज चौहान की पत्नी संयोगिता का क्या हुआ की कहानी आज विलुप्त हैं। पृथ्वीराज चौहान और संयोगिता का प्रेम विवाह हुआ। संयोगिता राजा जयचंद की पुत्री थी और पृथ्वीराज चौहान, चौहान वंश के हिंदू क्षत्रिय राजा थे जो दिल्ली और अजयमेरु पर राज्य … Read more

पृथ्वीराज चौहान का सच और प्रमाण

पृथ्वीराज चौहान का सच जानकर आपको आश्चर्य होगा कि हमारे इतिहासकारों ने हमें किस हद तक भ्रमित कर रखा था।इतिहासकारों द्वारा फैलाया गया भ्रम और पृथ्वीराज चौहान का सच जानना हमारे लिए बहुत ही आवश्यक है ताकि आने वाली पीढ़ी को वीर पृथ्वीराज चौहान का सच पता लग सके। पृथ्वीराज चौहान जैसे शौर्यशाली राजा महाराजाओं … Read more

चित्तौड़ का तीसरा जौहर कब और क्यों हुआ?

चित्तौड़ का तीसरा जौहर या चित्तौड़ का तीसरा साका अकबर के आक्रमण के समय हुआ। इस समय चित्तौड़ के राजा महाराणा उदयसिंह थे। चित्तौड़ का तीसरा साका या चित्तौड़ का तीसरा जौहर कब हुआ था? चित्तौड़ का तीसरा साका या चित्तौड़ का तीसरा जौहर 1567 ईस्वी के अक्टूबर माह में हुआ। इस समय चित्तौड़ किले … Read more

चित्तौड़ का दूसरा जौहर कब और क्यों हुआ?

चित्तौड़ का दूसरा साका या चित्तौड़ का दूसरा जौहर राजमाता कर्मावती या कर्णावती के समय हुआ था। चित्तौड़ के प्रथम साका की तरह, चित्तौड़ का दूसरा साका या चित्तौड़ का दूसरा जौहर  भी विश्व प्रसिद्ध है। यह भी पढ़ें- जौहर किसे कहते हैं ? भारत का प्रथम जौहर कब हुआ था ,जानें जौहर का इतिहास। … Read more

चित्तौड़ का पहला जौहर कब और क्यों हुआ?

चित्तौड़ का पहला साका (chittor ka saka) या फिर यह कहे कि चित्तौड़ का पहला जौहर तो यह विश्व प्रसिद्ध है। यह किस लिए प्रसिद्ध है कि चित्तौड़ के प्रथम जौहर में रानी पद्मावती ने स्वयं को 16000 क्षत्राणियों के साथ अग्नि के हवाले कर दिया था। रानियों ने अपनी पवित्रता की रक्षार्थ “जय-हर, जय-हर” का … Read more

जौहर किसे कहते हैं? भारत का प्रथम जौहर कब हुआ था, जानें जौहर का इतिहास

(भारत का प्रथम जौहर) जौहर का शाब्दिक अर्थ होता है “सबका कल्याण करने वाली प्रकृति की जय” हैं। प्रकृति के प्रति संपूर्ण समर्पण का भाव ही सही मायने में जौहर का अर्थ है। इस लेख के द्वारा आप भारत का प्रथम जौहर, जौहर का अर्थ ,जौहर किसे कहते हैं और जौहर का इतिहास जान सकेंगे। जौहर … Read more

महाराणा प्रताप की जीत के प्रमाण || Evidence of Maharana Pratap's victory

महाराणा प्रताप की जीत के प्रमाण– अकबर कभी जीता नहीं और महाराणा कभी हारे नहीं, अकबर की सेना में दम था लेकिन महाराणा के सीने में दम था। हम कैसे मान लें कि महाराणा प्रताप के नाम से कांपने वाला अकबर उन्हें युद्ध में हरा देगा। 1576 ईस्वी में हल्दीघाटी के युद्ध में महाराणा प्रताप … Read more

चित्तौड़गढ़ के राजा की कहानी और चित्तौड़गढ़ के राजा का नाम क्या था?

चित्तौड़गढ़ के राजा की कहानी और चित्तौड़गढ़ के राजा का नाम जानने से पहले बता दें कि चित्तौड़गढ़ राजस्थान राज्य का एक ज़िला हैं जिसे शौर्य, पराक्रम, भक्ति और शक्ति के साथ ही ऐतिहासिक शहर के रुप में याद किया जाता हैं। चित्तौड़गढ़ का प्राचीन नाम चित्रकूट था। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार भीम भी चित्तौड़ … Read more

चित्रांगद मौर्य कौन थे? || History Of Chitrangada Maurya

चित्रांगद मौर्य/चित्रांगद मोरी (Chitrangada Maurya) के इतिहास की गवाही देता सदियों से चित्तौड़गढ़ दुर्ग खड़ा हैं। कई बड़े -बड़े महारथी राजा महाराजा आए और चले गए लेकिन वीरों की चित्तौड़गढ़ का क़िला ज्यों का त्यों खड़ा हैं। आज भी किले को छूकर बहने वाली हवा चित्रांगद मौर्य की वाह वाही करती हैं। चित्रांगद मौर्य/चित्रांगद मोरी … Read more