महाराणा प्रताप और मीराबाई के बीच क्या संबंध था?

मेवाड़ सम्राट महाराणा प्रताप और मीराबाई के बीच क्या संबंध था?. इससे आज भी बड़ी संख्या में लोग अनजान हैं। मीराबाई का विवाह मेवाड़ के महाराणा सांगा अर्थात् महाराणा संग्राम सिंह जी के बड़े पुत्र भोजराज सिंह जी के साथ हुआ था। महाराणा सांगा के 4 पुत्र थे जिनमें सबसे बड़े पुत्र थे भोजराज सिंह […]

महाराणा सांगा के पुत्र || Family Tree Of Maharana Sanga

इस लेख में ना सिर्फ हम जानेंगे कि महाराणा सांगा के कितने पुत्र थे/महाराणा संग्राम सिंह के कितने पुत्र थे बल्कि महाराणा सांगा की पत्नि का नाम, महाराणा सांगा के माता-पिता का नाम और पूरे परिवार को जानकारी को भी पढ़ेंगे। महाराणा सांगा का जन्म 12 अप्रैल 1482 को चित्तौड़गढ़ में हुआ जबकि 30 जनवरी

महाराणा सांगा की पराजय के कारण

महाराणा सांगा की पराजय के कारण भारतवर्ष में राजपूतों के वर्चस्व पर सवाल खड़े हो गए। महाराणा सांगा को सैनिकों का भग्नावशेष कहा जाता है, इसकी मुख्य वजह निरंतर युद्ध और उनके शरीर पर होने वाले घावों की वजह से कहा जाता है। खानवा का युद्ध जोकि 1527 ईस्वी में खानवा (भरतपुर) में लड़ा गया

हाइफा का युद्ध जिसके बाद इजराइल को आजादी मिली

हाइफा के युद्ध ने इज़राइल को आजाद करवाया था। प्रथम विश्व युद्ध के दौरान इज़राइल पर “ओटोमैन सम्राज्य” का आधिपत्य था। इस समय भारत में अंग्रेज़ी शासन था। हाइफा के युद्ध में राजस्थान के रणबांकुरों ने भाग लिया था। यह युद्ध इतना ऐतिहासिक हैं कि आज भी इज़राइल के स्कूलों में पढ़ाया जाता हैं। अगर

महाराणा सांगा को एक सैनिक का भग्नावशेष क्यों कहा जाता है?

महाराणा सांगा को एक सैनिक का भग्नावशेष क्यों कहा जाता है यह एक बहुत अच्छा प्रश्न है जिसका जवाब हर कोई जानना चाहता है। इस लेख के माध्यम से हम सबसे पहले यह जानेंगे कि भग्नावशेष का अर्थ क्या होता हैं? भग्नावशेष का अर्थ- भग्नावशेष का हिंदी अर्थ देखा जाए तो इसके कई अर्थ निकलते

राजपूत राजाओं और मुस्लिम राजकुमारियों के वैवाहिक संबंधों का इतिहास

राजपूत राजाओं और मुस्लिम राजकुमारियों के वैवाहिक संबंधों का इतिहास बहुत पुराना है। इस श्रेणी में मौर्य वंश के शासक राजा बिंदुसार, चंद्रगुप्त मौर्य और बप्पा रावल जैसे वीरों के साथ-साथ राजा छत्रसाल का नाम भी आता है, जिन्होंने मुस्लिम युवतियों या राजकुमारियों से विवाह किया था। जब भी प्राचीन समय के राजा महाराजाओं की

मिहिर भोज का इतिहास || History Of Mihir Bhoj

मिहिर भोज का इतिहास गुर्जर-प्रतिहार राजवंश के लिए स्वर्णिम काल माना जाता हैं। मिहिर भोज को भोज प्रथम के नाम से भी जाना जाता है। मिहिर भोज गुर्जर प्रतिहार वंश के सबसे लोकप्रिय महान और प्रतापी राजाओं में शामिल थे। मिहिर भोज के पिता का नाम रामभद्र था। मिहिर भोज कन्नौज के शासक थे। इन्होंने

शालीवाहन सिंह तोमर का इतिहास

क्या आप जानते हैं कि शालीवाहन सिंह तोमर या शालीवान सिंह तोमर कौन थे? और उन्होंने महाराणा प्रताप का साथ क्यों दिया? हल्दीघाटी का युद्ध महाराणा प्रताप और मुगलों के बीच लड़ा गया इस युद्ध में महाराणा प्रताप का साथ देने वाले सेनापतियों में एक नाम था शालीवाहन सिंह तोमर। शालिवाहन सिंह तोमर/ शालीवान सिंह

गुर्जर-प्रतिहार वंश: गुप्त साम्राज्य का पतन व कन्नौज का उदय

गुर्जर-प्रतिहार वंश का प्रभाव कैसे बढ़ा? और कैसे 1000 साल पुराने गुप्त साम्राज्य का पतन हुआ? साथ ही आप पढ़ेंगे कन्नौज का उदय कैसे हुआ? छठी शताब्दी शताब्दी के अंत में गुप्त साम्राज्य का पतन हो गया। भारतीय इतिहास में 1000 से भी ज्यादा वर्षों तक मगध भारत का राजनीतिक केंद्र रहा, लेकिन गुप्त साम्राज्य

1100 साल पुरानी बुद्ध की मूर्ति का सिटी स्कैन

बुद्ध की मूर्ति का सिटी स्कैन का मामला सामने आया हैं. बुद्ध मूर्ति के अंदर ममीकृत भिक्षु निकला या फिर ऐसा कहें कि बुद्ध प्रतिमा के अंदर वैज्ञानिकों ने 1100 साल पुराना एक साधु खोजा है जो कि ध्यान में लीन है। यह सब संभव हो पाया है इस प्राचीन मूर्ति के सिटी स्कैन से।

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