चन्द्रगुप्त मौर्य का इतिहास जीवन परिचय || History Of Chandragupta Maurya

चन्द्रगुप्त मौर्य, मौर्य वंश और मौर्य साम्राज्य के संस्थापक थे। क्षत्रिय वंश से संबंध रखने वाले चंद्रगुप्त मौर्य भारत के सबसे महानतम सम्राटों में से एक थे। चंद्रगुप्त मौर्य का साथ उनका प्रधानमंत्री आचार्य चाणक्य/कौटिल्य (विष्णुगुप्त) दिया था, उन्हीं के सिद्धांतों पर चलकर चंद्रगुप्त मौर्य ने संपूर्ण भारतवर्ष को एक साम्राज्य के अधीन लाकर खड़ा […]

राजा बिंदुसार का इतिहास || History Of Raja Bindusar

राजा बिंदुसार मौर्य साम्राज्य के द्वितीय शासक और मौर्य साम्राज्य के संस्थापक राजा चंद्रगुप्त मौर्य के पुत्र थे। भारतवर्ष हमेशा से ही देवी-देवताओं और राजा-महाराजाओं की भूमि रहा है। इस देश में समय-समय पर ऐसे महान राजाओं का जन्म हुआ, जिनकी वजह से आज भी हम अपने आपको गौरवान्वित महसूस करते हैं। साथ ही इनका

150 मौर्यकाल सामान्य ज्ञान प्रश्न या मौर्यकाल से संबंधित महत्वपूर्ण प्रश्न

मौर्यकाल से सम्बंधित महत्वपूर्ण प्रश्न, मौर्यकाल सामान्य ज्ञान प्रश्न, मौर्यकाल प्रश्नोत्तरी, मौर्यकाल ऑनलाइन टेस्ट से सम्बंधित प्रश्न का बहुत ही सुन्दर समावेश इस आर्टिकल द्वारा आपको मिलेगा। यह प्रश्न विविध परीक्षाओं में पूछे जा चुके हैं। मौर्य साम्राज्य को भारत का पहला महान साम्राज्य माना जाता है। जिसकी स्थापना 322 से 185 ईसापूर्व हुई थी।

मौर्य साम्राज्य के पतन के 10 बड़े कारण

मौर्य साम्राज्य के पतन के कारणों के बारे में जानना बहुत जरूरी है। मौर्य साम्राज्य भारतवर्ष के सबसे विशालतम साम्राज्यों में से एक था। कौटिल्य के दिशा निर्देशों के अनुसार चंद्रगुप्त मौर्य ने इसकी नींव रखी थी। 232 ईसा पूर्व में सम्राट अशोक की मृत्यु के पश्चात मौर्य साम्राज्य का पतन शुरू हो गया। मौर्य

मौर्य साम्राज्य का इतिहास || Histroy of maurya Rajvansh

मौर्य राजवंश / मौर्य साम्राज्य (Maurya samrajya or maurya Rajvansh) प्राचीन भारत के सबसे शक्तिशाली राजवंशों/साम्राज्यों में से एक था। इससे आप भारतीय इतिहास का स्वर्णिम युग कह सकते हैं। मौर्य राजवंश की स्थापना भारतीय इतिहास में घटी एक ऐसी घटना है जिसने प्राचीन भारत की राजनीति में एकता का सूत्र पिरोया था। मौर्य राजवंश

राजा मानसिंह और मृगनयनी की प्रेम कहानी

राजा मानसिंह ग्वालियर के तोमर वंश के राजा थे। संपूर्ण विश्व में ग्वालियर का गुजरी महल प्रसिद्ध है। इस महल का निर्माण कैसे हुआ यह जानने के लिए इसके पीछे छिपी हुई एक बहुत ही सुंदर प्रेम कहानी है। यह प्रेम कहानी ना सिर्फ अथाह प्रेम का प्रतीक है, बल्कि भारत के गौरवशाली इतिहास को

ग्वालियर किला का इतिहास और रहस्य || History Of Gwalior Fort

ग्वालियर के स्वर्णिम इतिहास को बयान करता ग्वालियर किला आज भी सीना तान कर खड़ा है। भारतवर्ष के सबसे सुंदरतम और अभेद किलो में से एक हैं, ग्वालियर का किला। जिस तरह भारत में चित्तौड़गढ़ के किले को गढ़ों का सिरमौर कहा जाता है, वैसे ही ग्वालियर का किला एक अभेद किला है। ग्वालियर किला का

ग्वालियर का इतिहास || History Of Gwalior

ग्वालियर मध्य प्रदेश में स्थित है। ग्वालियर की पहचान एक ऐतिहासिक शहर के रूप में है जहां पर सिंधिया राजवंश (राणोजीराव सिंधिया से लेकर जीवाजीराव सिंधिया तक) ने कई वर्षों तक शासन किया था। ग्वालियर का इतिहास की बात की जाए तो महाभारत के समय से लेकर जब भारत अंग्रेजों से स्वतंत्र (1947) हुआ तब

जीवाजीराव सिंधिया की प्रेम कहानी || Jivajirao Scindia Love story

जीवाजीराव सिंधिया की प्रेम कहानी बहुत अनूठी है। जीवाजी राव सिंधिया राजवंश से ताल्लुक रखते हैं जबकि उनकी पत्नी विजयाराजे सिंधिया राजपूत परिवार से संबंध रखती है। इसी वजह से उनकी शादी को लेकर शादी से पहले और शादी के बाद में कई समस्याओं का सामना करना पड़ा। इश्क करना किसी रिस्क से कम नहीं

जीवाजीराव सिंधिया इतिहास (History Of Jivajirao Scindia)

महाराजा जीवाजीराव सिंधिया सिंधिया राजवंश के अंतिम मराठा शासक थे। महाराजा जीवाजीराव सिंधिया ने मेहमानों के लिए भोजन, मदिरा और चटनी परोसने के लिए ग्वालियर के जय विलास पैलेस में खाने की टेबल पर चांदी की एक टॉय ट्रेन रखी। जीवाजीराव सिंधिया इतिहास पूरा नाम जॉर्ज जीवाजी राव सिंधिया जन्म दिनांक 26 जून 1916 मृत्यु

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