राजा दशरथ की कहानी कथा और जीवन परिचय

राजा दशरथ की कहानी, कथा, जीवन परिचय- राजा दशरथ की कहानी की शुरुआत अयोध्या से होती हैं. इक्ष्वाकु वंश में जन्म लेने वाले राजा दशरथ प्रजाप्रिय,न्यायप्रिय और अपने वचनों के प्रति पूर्ण रूप से समर्पित थे. राजा दशरथ की कथा के अनुसार वो एक आदर्श महाराजा और पुत्रों को अतिप्रेम करने वाले राजा के रूप … Read more

रावल खुमाण द्वितीय का इतिहास || History Of Rawal Khuman 2

रावल खुमाण द्वितीय का इतिहास (Rawal Khuman 2)- रावल खुमाण एक ऐसे वीर योद्धा थे जिन्होंने भारत के राजाओं को अरबों के खिलाफ एकछत्र के निचे लाकर खड़ा कर दिया. रावल खुमाण बप्पा रावल के वंशज थे. इन्होंने सम्पूर्ण भारत के लगभग 1200 राजाओं को अरबी आक्रांताओं से लड़ने के लिए बुलाया लेकिन 40 राजा … Read more

राणा पूंजा भील थे या राजपूत?

राणा पूंजा भील थे या राजपूत- राणा पूंजा को लेकर एक नया विवाद पिछले कुछ समय से शुरु हुआ है कि राणा पूंजा भील थे या राजपूत? राणा पूंजा महाराणा प्रताप के मुंह बोले भाई थे, जिन्होंने 18 जून 1576 ईस्वी में हुए हल्दीघाटी के युद्ध में दुश्मनों के दांत खट्टे कर दिए थे. इतना … Read more

महाराणा प्रताप कि पत्नियां-परिवार || Maharana Pratap Family Tree

क्या आप जानते हैं कि महाराणा प्रताप की कितनी पत्नियाँ थी? महाराणा प्रताप का परिवार लम्बा-चौड़ा था. अधिकतर लोग महाराणा प्रताप की पत्नी महारानी अजबदे पंवार के बारे में ही जानते हैं लेकिन आपको बता दें कि महाराणा प्रताप की कुल 14 पत्नियाँ थी. इस लेख में आगे आपको महाराणा प्रताप की सभी पत्नियों के … Read more

महाराणा प्रताप के पास कितने घोड़े थे?

क्या आप जानते हैं महाराणा प्रताप के पास कितने घोड़े थे? महाराणा प्रताप के सबसे प्रिय घोड़े का नाम चेतक था. चेतक के बारें में करीब-करीब सब जानते हैं लेकिन चेतक के अलावा भी महाराणा प्रताप के पास 2 घोड़े और थे जिनके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं, इस लेख को पढ़ने से … Read more

बिजोलिया किसान आंदोलन सामान्य ज्ञान || Bijoliya Kisan Aandolan GK

बिजोलिया किसान आंदोलन की शुरुआत राजस्थान के मेवाड़ क्षेत्र के बिजोलिया ठिकाने में वर्ष 1897 ईस्वी में हुई थी. राजस्थान से शुरू हुआ यह आंदोलन धीरे-धीरे पूरे देश में फैल गया. बिजोलिया किसान आंदोलन को इतिहास का सबसे लंबा अहिंसक किसान आंदोलन माना जाता है. वर्ष 1897 ईस्वी में शुरू हुआ यह आंदोलन वर्ष 1941 … Read more

बिजोलिया किसान आंदोलन || Bijolia Farmers Movement

बिजोलिया किसान आंदोलन की शुरुआत राजस्थान के मेवाड़ क्षेत्र के बिजोलिया ठिकाने में वर्ष 1897 ईस्वी में हुई थी. राजस्थान से शुरू हुआ यह आंदोलन धीरे-धीरे पूरे देश में फैल गया. बिजोलिया किसान आंदोलन को इतिहास का सबसे लंबा अहिंसक किसान आंदोलन माना जाता है. वर्ष 1897 ईस्वी में शुरू हुआ यह आंदोलन वर्ष 1941 … Read more

कालीबंगा सभ्यता || Kalibanga Civilization

कालीबंगा सभ्यता राजस्थान राज्य के हनुमानगढ़ जिले में घग्घर नदी के दाहिने तट पर स्थित है. कालीबंगा का अर्थ होता है काले रंग की चूड़ियां. यह चूड़ियां काले रंग के पत्थरों से बनी हुई थी. कालीबंगा सभ्यता से प्राप्त अवशेष प्राक् हड़प्पा और हड़प्पाकालीन संस्कृति से संबंधित है. कालीबंगा की सभ्यता उस समय चूड़ियों के … Read more

राजस्थान एकीकरण का प्रथम चरण

राजस्थान एकीकरण का प्रथम चरण 18 मार्च 1948 को पुरा हुआ था. वर्ष 1947 में भारत की स्वतंत्रता के उपरांत कई देशी रियासतों का भारत में विलय किया गया, जिसमें राजस्थान की भी कई विरासतें शामिल थी. राजस्थान एकीकरण का प्रथम चरण थोड़ा मुश्किल था. जब भारत स्वतंत्रता अधिनियम 1947 की धारा 8 के अनुसार … Read more

तेरहताली नृत्य || Terahtali Nritya

तेरहताली नृत्य राजस्थान का प्रसिद्ध और विश्वविख्यात नृत्य है. राजस्थान की सांस्कृतिक विरासत और लोक कला अद्भुत है. राजस्थान का विश्व प्रसिद्ध तेरहताली नृत्य कामड़ जाति द्वारा किया जाता है. इस नृत्य का उद्भव पाली जिले (पादरला गांव) में हुआ था. तेरहताली नृत्य औरतें करती हैं लेकिन पुरुष पीछे बैठकर लोक देवता बाबा रामदेव और … Read more