माधो राव सिंधिया का इतिहास

महाराजा सर माधो राव सिंधिया ऑफ़ ग्वालियर (20 जून 1886 से 5 जून 1925 तक) सिंधिया राजवंश से संबंध रखने वाले ग्वालियर रियासत के महाराजा थे। लगभग 40 वर्षों तक इस पद पर रहे। माधो राव सिंधिया पहली बार 1886 में ग्वालियर के महाराजा बने। ब्रिटिश सरकार द्वारा उन्हें ग्वालियर रियासत के प्रगतिशील शासक की … Read more

जयाजीराव सिंधिया का इतिहास

महाराजा जयाजीराव सिंधिया ग्वालियर रियासत के राजा थे। 7 फरवरी 1843 से लेकर 20 जून 1886 तक लगभग 43 वर्षों तक शासन किया था। महज़ 9 वर्ष की आयु में इन्हें ग्वालियर रियासत की कमान सौंपी गई। मराठा साम्राज्य के अधीन ग्वालियर रियासत के सिंधिया राजवंश के श्रीमंत जयाजीराव सिंधिया ने ब्रिटिश शासन के तहत … Read more

जानकोजी राव सिंधिया द्वितीय का इतिहास

जानकोजी राव सिंधिया द्वितीय को ग्वालियर रियासत के आठवें महाराजा के रूप में जाना जाता हैं। इन्होंने वर्ष 21मार्च 1827 से लेकर 7 फरवरी 1843 तक लगभग 16 वर्षों तक शासन किया था। जानकोजी राव सिंधिया द्वितीय के पिता का नाम पटलोजी राव सिंधिया था। इनसे पहले ग्वालियर रियासत के महाराजा दौलतराव सिंधिया थे उनके … Read more

महारानी बैजाबाई सिंधिया का इतिहास

महारानी बैजाबाई सिंधिया जिन्हें बाजा बाई या बायजा बाई के नाम से भी जाना है ग्वालियर रियासत की महारानी और बैंकर थी। महारानी बैजाबाई सिंधिया दौलतराव सिंधिया की तीसरी पत्नी थी, दौलतराव सिंधिया की मृत्यु के पश्चात उन्होंने ग्वालियर प्रशासन में प्रवेश किया। ईस्ट इंडिया कंपनी के मुख्य प्रतिद्वंदी के रूप में उभरी और जब … Read more

दौलत राव सिंधिया का इतिहास

दौलत राव सिंधिया/दौलतराव शिंदे ग्वालियर रियासत के सातवें महाराजा बने।इनकी शासन अवधि 12 फरवरी 1794 से लेकर 21 मार्च 1827 तक रही। दौलत राव सिंधिया के पास कई उपाधियां थी जिनमें ग्वालियर के महाराजा, नैब -वकील -आई -मुल्ताक ( डिप्टी रिजेंट ऑफ़ दी एम्पायर) और अमीर -अल -उमरा ( हेड ऑफ़ द अमीर्स ) मुख्य … Read more

मानाजी राव सिंधिया (History Of Manaji Rao Scindia)

मानाजी राव सिंधिया ग्वालियर रियासत के पाँचवें महाराजा बनें। ये लगभग 4 वर्षों तक इस पद पर बने रहे। कादरजी राव सिंधिया के पद त्याग देने के बाद इन्हें इस पद से नवाजा गया। अगर इनके कार्यकाल की बात की जाए तो सन 1764 से लेकर 1768 ईस्वी तक रहा। मानाजी राव सिंधिया का इतिहास … Read more

कादरजी राव सिंधिया का इतिहास

कादरजी राव सिंधिया ग्वालियर रियासत के चौथे महाराजा थे जिन्होंने बहुत ही कम समय के लिए इस पद को संभाला था। 1763 से लेकर 1764 के बीच में वह 1 साल से भी कम समय के लिए ग्वालियर रियासत के महाराजा बने। पानीपत का तीसरा युद्ध (1761) जोकि अहमद शाह अब्दाली और मराठों के बीच … Read more

महादजी शिंदे का इतिहास (History Of Mahadji Shinde)

महादजी शिंदे सिंधिया वंश के संस्थापक राणोंजी राव शिंदे के अंतिम और पांचवें पुत्र होने के, साथ-साथ मराठा साम्राज्य के एक कुशाग्र बुद्धि, सरल, सहिष्णु और धैर्यशीलता के साथ-साथ उदार व्यक्तित्व के शासक थे, जिन्होंने ग्वालियर रियासत पर शासन किया था। महादजी शिंदे ने 18 जनवरी 1768 से लेकर 12 फ़रवरी 1794 तक शासन किया … Read more

दत्ताजी राव सिंधिया का इतिहास

दत्ताजी राव सिंधिया को दत्ताजी राव शिंदे के नाम से भी जाना जाता है। यह सिंधिया वंश के संस्थापक राणोजी राव शिंदे और मैनाबाई उर्फ़ निंबाबाई के दूसरे पुत्र थे। इनके बड़े भाई का नाम जयप्पाजी राव शिंदे और छोटे भाई का नाम ज्योतिबा राव सिंधिया था। दत्ताजी राव शिंदे मराठा साम्राज्य में सरदार थे। दत्ताजी … Read more

History Of Jankoji Rao Scindia || जानकोजी राव सिंधिया प्रथम का इतिहास

जानकोजी राव सिंधिया (Jankoji Rao Scindia) ग्वालियर रियासत के तीसरे महाराजा थे। इन्होंने 1755 से लेकर 1761 ईसवी तक लगभग 6 वर्षों तक शासन किया था। इनके पिता जयप्पाजी राव सिंधिया की जोधपुर में हत्या के पश्चात इन्हें ग्वालियर के तीसरे महाराजा के रूप में नवाजा गया। जानकोजी राव सिंधिया ने पानीपत के तीसरे युद्ध … Read more