History Of Jayappaji Rao Scindia || जयप्पाजी राव सिंधिया का इतिहास

जयप्पाजी राव सिंधिया (Jayappaji Rao Scindia) को जयप्पा दादासाहिब के नाम से भी जाना जाता हैं। जयप्पाजी राव सिंधिया मराठा साम्राज्य में जनरल थे। इन्होंने अपने पिता राणोजीराव सिंधिया द्वारा स्थापित ग्वालियर रियासत को संभाला था। हालांकि ग्वालियर रियासत के संस्थापक राणोजीराव सिंधिया को माना जाता है, लेकिन ग्वालियर रियासत के प्रथम महाराजा जयप्पाजी राव सिंधिया (Jayappaji … Read more

History Of Sewri Fort || सेवरी फोर्ट इतिहास

सेवरी किला या सेवरी फोर्ट (Sewri Fort ) का निर्माण ब्रिटिशों द्वारा करवाया गया था। मुंबई के सिवरी नामक स्थान पर ब्रिटिश साम्राज्य द्वारा बनाए गए इस दुर्ग को “सेवरी किला” (Sewri Fort) के नाम से जाना जाता है। आज से लगभग 340 वर्ष पूर्व सन 1680 ईस्वी में इसका निर्माण किया गया था। उस … Read more

ग्वालियर रियासत का इतिहास (History of Gwalior State)

ग्वालियर रियासत का इतिहास (Gwalior Riyasat ka Itihas) की बात कि जाए तो इसका कुल क्षेत्रफल 64856 वर्ग किलोमीटर या 25041 वर्ग मील था। अंग्रेजों के शासनकाल के दौरान भारत कई अलग-अलग रियासतों में बटा हुआ था जिनमें से “ग्वालियर रियासत” भी एक थी। रियासत का अर्थ राज्य से है, अर्थात एक ऐसा स्थान जिसकी … Read more

History Of Trimbak Rao Dabhade || त्रिम्बक राव दाभाड़े का इतिहास

त्रिंबकराव दाभाड़े (Trimbak Rao Dabhade) मराठा साम्राज्य की सेना में जनरल थे। इनका इतिहास भी बहुत यादगार हैं, लेकिन इनको माता-पिता (उमाबाई दाभाड़े और खंडेराव दाभाड़े) की वजह से पहचान और नाम मिला। त्रिंबकराव दाभाड़े जीवन परिचय (Trimbak Rao Dabhade history in Hindi) परिचय बिंदु परिचय पूरा नाम त्रिंबकराव दाभाड़े (Trimbak Rao Dabhade) जन्म स्थान … Read more

Histroy Of Umabai Dabhade || उमाबाई दाभाड़े का इतिहास

उमाबाई दाभाड़े (Umabai Dabhade in hindi ) मराठा साम्राज्य के सेनापति खंडेराव दाभाड़े की पत्नी थी। पति खंडेराव दाभाड़े की मृत्यु के पश्चात उमाबाई को मराठा साम्राज्य में महत्वपूर्ण उत्तरदायित्व प्राप्त हुआ। उमाबाई दाभाड़े एक वीरांगना और अदम्य साहस वाली महिला थी। इनके पति की मृत्यु के पश्चात इनके पुत्रों को मराठा साम्राज्य में जो दायित्व … Read more

खंडेराव दाभाड़े (Great Khanderao Dabhade) का इतिहास।

खंडेराव दाभाड़े (Khanderao Dabhade) तालेगांव दाभाड़े सरसेनापत दाभाड़े परिवार के संस्थापक संरक्षक थे जो दो भाइयों में सबसे बड़े थे। इनके पिता येसाजीराव दाभाड़े मराठा साम्राज्य के राजा छत्रपति शिवाजी महाराज के अंगरक्षक थे। खंडेराव दाभाड़े के दादा का नाम बजाजी दाभड़े था। 11 जनवरी 1717 को छत्रपति शिवाजी महाराज के पोते साहूजी महाराज द्वारा … Read more

इब्राहिम खान गर्दी (Ibrahim Khan Gardi)- एक राष्ट्रभक्त।

इब्राहिम खान गर्दी (Ibrahim Khan Gardi) के पूर्वज भील थे या फिर भील जनजाति से संबंध रखते थे। इब्राहिम खान गर्दी के बाल्यकाल के बारे में ज्यादा इतिहास पढ़ने को नहीं मिलता है लेकिन इन्होंने अपने कैरियर की शुरुआत 18 वीं शताब्दी में “दखानी मुस्लिम जनरल” से की थी। इब्राहिम खान गर्दी (Ibrahim Khan Gardi) … Read more

राजकुमारी कार्विका (Rajkumari Karvika)- सिकंदर महान को पराजित करने वाली वीरांगना।

राजकुमारी कार्विका (Rajkumari Karvika) ऊंचा-लंबा कद, आंखों में धधकती ज्वाला, चेहरे पर सूर्य के समान तेज़, अदम्य साहस की धनी , शौर्यवान, निडर, निर्भीक और साहसी जैसे विशिष्ठ गुण उनमें बचपन से ही थे। भारतीय इतिहास के पन्नों को पलटा जाए तो कई ऐसी वीरांगनाओं के नाम आते हैं, जिन्होंने देश की आन बान और … Read more

History Of Haripant Phadke || हरिपंत फड़के का इतिहास ||

haripant phadke (हरिपंत फड़के) मराठा साम्राज्य से ताल्लुक रखते थे। मराठा साम्राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था अलग-अलग भागों में बटी हुई थी। अष्टप्रधान के अलावा भी मराठा साम्राज्य के प्रशासन में कई महत्वपूर्ण पद थे। प्रत्येक पद पर विशेष व्यक्ति की नियुक्ति की गई थी और यही वजह थी कि मराठा साम्राज्य संपूर्ण भारत में फैला … Read more

History Of Dhaula Gujari || धौला गुजरी का इतिहास ||

भारतीय इतिहास में धौला गुजरी (Dhaula Gujari) जैसी हजारों वीरांगनाओं ने जन्म लिया लेकिन इन्हें इतिहास के पन्नों से गायब कर दिया गया। स्वतंत्र भारत में यही विडंबना रही कि शुरू से ही शिक्षा मंत्री ऐसे रहे जिन्होंने भारत की तुलना में विदेशी आक्रांताओं को ज्यादा तवज्जों दी। धौला गुजरी का इतिहास (dhaula gurjari) पढ़कर … Read more