महाराणा प्रताप के पास कितने घोड़े थे?

क्या आप जानते हैं महाराणा प्रताप के पास कितने घोड़े थे? महाराणा प्रताप के सबसे प्रिय घोड़े का नाम चेतक था. चेतक के बारें में करीब-करीब सब जानते हैं लेकिन चेतक के अलावा भी महाराणा प्रताप के पास 2 घोड़े और थे जिनके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं, इस लेख को पढ़ने से … Read more

बिजोलिया किसान आंदोलन सामान्य ज्ञान || Bijoliya Kisan Aandolan GK

बिजोलिया किसान आंदोलन की शुरुआत राजस्थान के मेवाड़ क्षेत्र के बिजोलिया ठिकाने में वर्ष 1897 ईस्वी में हुई थी. राजस्थान से शुरू हुआ यह आंदोलन धीरे-धीरे पूरे देश में फैल गया. बिजोलिया किसान आंदोलन को इतिहास का सबसे लंबा अहिंसक किसान आंदोलन माना जाता है. वर्ष 1897 ईस्वी में शुरू हुआ यह आंदोलन वर्ष 1941 … Read more

बिजोलिया किसान आंदोलन || Bijolia Farmers Movement

बिजोलिया किसान आंदोलन की शुरुआत राजस्थान के मेवाड़ क्षेत्र के बिजोलिया ठिकाने में वर्ष 1897 ईस्वी में हुई थी. राजस्थान से शुरू हुआ यह आंदोलन धीरे-धीरे पूरे देश में फैल गया. बिजोलिया किसान आंदोलन को इतिहास का सबसे लंबा अहिंसक किसान आंदोलन माना जाता है. वर्ष 1897 ईस्वी में शुरू हुआ यह आंदोलन वर्ष 1941 … Read more

कालीबंगा सभ्यता || Kalibanga Civilization

कालीबंगा सभ्यता राजस्थान राज्य के हनुमानगढ़ जिले में घग्घर नदी के दाहिने तट पर स्थित है. कालीबंगा का अर्थ होता है काले रंग की चूड़ियां. यह चूड़ियां काले रंग के पत्थरों से बनी हुई थी. कालीबंगा सभ्यता से प्राप्त अवशेष प्राक् हड़प्पा और हड़प्पाकालीन संस्कृति से संबंधित है. कालीबंगा की सभ्यता उस समय चूड़ियों के … Read more

राजस्थान एकीकरण का प्रथम चरण

राजस्थान एकीकरण का प्रथम चरण 18 मार्च 1948 को पुरा हुआ था. वर्ष 1947 में भारत की स्वतंत्रता के उपरांत कई देशी रियासतों का भारत में विलय किया गया, जिसमें राजस्थान की भी कई विरासतें शामिल थी. राजस्थान एकीकरण का प्रथम चरण थोड़ा मुश्किल था. जब भारत स्वतंत्रता अधिनियम 1947 की धारा 8 के अनुसार … Read more

तेरहताली नृत्य || Terahtali Nritya

तेरहताली नृत्य राजस्थान का प्रसिद्ध और विश्वविख्यात नृत्य है. राजस्थान की सांस्कृतिक विरासत और लोक कला अद्भुत है. राजस्थान का विश्व प्रसिद्ध तेरहताली नृत्य कामड़ जाति द्वारा किया जाता है. इस नृत्य का उद्भव पाली जिले (पादरला गांव) में हुआ था. तेरहताली नृत्य औरतें करती हैं लेकिन पुरुष पीछे बैठकर लोक देवता बाबा रामदेव और … Read more

हिस्ट्री की तैयारी || History Preparation Tips

हिस्ट्री की तैयारी करना बहुत आसान है बशर्तें इसको पढ़ने और याद करने का तरीका आपको सही आता हो. इतिहास विषय में हजारों वर्षों के कालक्रम और घटनाओं को याद रखना थोड़ा मुश्किल होता हैं. विद्यार्थी या इतिहास में रुचि रखने वाले लोगों के लिए यह एक बहुत ही दिलचस्प विषय हैं. विभिन्न परीक्षाओं के … Read more

छत्रपति शिवाजी महाराज की पत्नियां

छत्रपति शिवाजी महाराज की कुल 8 पत्नियां थी. इनका जन्म 19 फरवरी 1630 ईस्वी में शिवनेरी किले में हुआ. प्रतिवर्ष 19 फरवरी को छत्रपति शिवाजी महाराज जयंती मनाई जाती हैं. अपनी अद्भुद संगठन क्षमता और बहादुरी के किस्से विश्व प्रसिद्ध हैं लेकिन इस लेख में हम शिवाजी महाराज की पत्नियों के बारे में पढ़ेंगे. शिवाजी … Read more

छत्रपति शिवाजी महाराज जयंती 2025

छत्रपति शिवाजी महाराज का जन्म 19 फरवरी 1630 में हुआ था. प्रतिवर्ष 19 फरवरी को छत्रपति शिवाजी महाराज जयंती मनाई जाती हैं. वर्ष 2025 में 19 फरवरी बुधवार के दिन छत्रपति शिवाजी महाराज की 395 वीं जयंती मनाई जाएगी. छत्रपति शिवाजी महाराज जयंती मराठा साम्राज्य में वर्ष 1630 ईस्वी में 19 फरवरी के दिन शिवनेरी किले में … Read more

मकर संक्रांति क्यों मनाई जाती हैं || Makar Sankranti

मकर संक्रांति मनाने का कारण और महत्त्व:- मकर संक्रांति मुख्य हिंदू त्यौहार है, जो हर साल सूर्य के दक्षिणायन से उत्तरायण में प्रवेश करने के दिन मनाया जाता हैं. मकर सक्रांति का त्योहार ज्यादातर 14 जनवरी को ही मनाया जाता है लेकिन कभी-कभी तिथि के अनुसार इसमें एक आध दिन ऊपर नीचे हो सकता है. … Read more