अकबर और तानसेन का किस्सा

अकबर और तानसेन का एक किस्सा बहुत प्रचलित है. जब संगीत के सम्राट तानसेन अकबर के दरबार में आलाप भरते तो पूरे दरबार का माहौल बदल जाता था. अकबर के नौ रत्नों में शामिल तानसेन जब अपने संगीत का जादू बिखेरते थे, तब मुगल बादशाह अकबर के साथ-साथ उनकी चापलूसी करने वाले दरबारी भी वाह-वाह […]

बाल गंगाधर तिलक के अनमोल विचार || (Bal Gangadhar Tilak Quotes

बाल गंगाधर तिलक स्वतंत्रता सेनानी तो थे ही इसके साथ-साथ वह प्रखर राष्ट्रवादी, शिक्षाविद ,समाजसुधारक, अधिवक्ता और देश प्रेमी थे. बाल गंगाधर तिलक के राजनैतिक विचार, सामाजिक विचार और सफलता के विचार आज भी बहुत प्रासंगिक हैं. बाल गंगाधर तिलक के अनमोल विचार और कोट्स हमारे जीवन को पूरी तरह से बदल सकते हैं. जो

गुर्जर प्रतिहार वंश की उत्पत्ति

गुर्जर प्रतिहार वंश की उत्पत्ति छठी शताब्दी में हुई थी. नागभट्ट प्रथम को गुर्जर प्रतिहार वंश का संस्थापक माना जाता है. वहीं दूसरी तरफ गुर्जर प्रतिहार वंश की उत्पत्ति दक्षिण पश्चिम राजस्थान और गुजरात में हुई थी. गुर्जर प्रतिहार वंश गुर्जरों की ही एक शाखा हुआ करते थे. प्रतिहार वंश के अभिलेखों में इस वंश

पुष्यभूति वंश सामान्य ज्ञान || Pushyabhuti Vansh Gk

पुष्यभूति वंश सामान्य ज्ञान के प्रश्न विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में पूछे जाते हैं. यहाँ 66 महत्वपूर्ण सामान्य ज्ञान प्रश्नों का समावेश किया गया हैं. पुष्यभूति वंश सामान्य ज्ञान पुष्यभूति वंश सामान्य ज्ञान पर आधारित 66 प्रश्न और उनके उत्तर निम्नलिखित हैं- 1. पुष्यभूति वंश की स्थापना किसने की थी? उत्तर- पुष्यभूतिवर्धन. 2. पुष्यभूति वंश का

गुर्जर प्रतिहार वंश की कुलदेवी कौन हैं?

गुर्जर प्रतिहार वंश की कुलदेवी माता चामुण्डा हैं. इस वंश का इतिहास इस बात का गवाह हैं कि, माता की असीम कृपा से इस वंश के राजा युद्ध से पहले मां का आशीर्वाद लेकर युद्धभूमि में जाते थे. प्रतिहार वंश को ही गुर्जर प्रतिहार वंश के नाम से जाना जाता हैं. दक्षिण पश्चिम राजस्थान और

पुष्पक विमान || History Of Pushpak Viman

पुष्पक विमान का नाम सुनते ही रावण की याद आ जाती है. रामायण काल में पुष्पक विमान लंकापति रावण के पास था. रावण से पहले यह विमान कुबेर के पास था लेकिन कालांतर में रावण ने पुष्पक विमान कुबेर से छीन लिया. पुष्पक विमान के रचियता विश्वकर्मा थे. कुबेर रावण के बड़े भाई थे. रावण

पुष्यभूति वंश का इतिहास || History Of Pushyabhuti Vansh

पुष्यभूति वंश का संस्थापक “पुष्यभूति” था, जिन्होंने छठी शताब्दी में “पुष्यभूति वंश” की स्थापना की थी. गुप्त वंश या साम्राज्य के पतन के साथ इस वंश का उदय हुआ. हूणों के साथ हुए ऐतिहासिक युद्धों के चलते इस वंश ने संपूर्ण भारत में ख्याति प्राप्त की. पुष्यभूति वंश का इतिहास इसलिए भी महत्वपूर्ण हैं क्योंकि

ऋषि सुनक की जीवनी

ऋषि सुनक की जीवनी:- ऋषि सुनक के माता-पिता भारतीय मूल के हैं. इनके पिता का नाम यशवीर और माता का नाम उषा है जो मूल रूप से पंजाब के रहने वाले हैं. ऋषि सुनक का जन्म 12 मई 1980 को साउथहैंपटन, हैंपशायर इंग्लैंड (Southampton England) में हुआ था. ऋषि सुनक एक राजनेता हैं, जिनका विवाह

मैत्रक वंश का इतिहास || History Of Maitrak Vansh

मैत्रक वंश का इतिहास 5वीं शताब्दी से लेकर 8वीं शताब्दी तक देखने को मिलता है. मैत्रक वंश के शासकों ने गुजरात और सौराष्ट्र (काठियावाड़) में शासन किया था. इस वंश के शासकों ने बहुत धार्मिक कार्य किए. इनका शासनकाल बौद्ध धर्म के लिए विशेष माना जाता हैं. मैत्रक वंश की उत्पत्ति 5 वीं शताब्दी में

पश्चिमी गंग वंश सामान्य ज्ञान (Paschimi Gang Vansh GK).

पश्चिमी गंग वंश सामान्य ज्ञान एक महत्वपूर्ण और परीक्षोपयोगी टॉपिक हैं. पश्चिमी गंग वंश भारत का एक प्राचीन राजवंश था, जिसने कर्नाटक पर राज्य किया. पश्चिमी गंग वंश का शासन काल या अस्तित्व 350 ईस्वी से 1000 ईस्वी तक रहा. पल्लव वंश के पतन के साथ ही बहुत से स्वतंत्र राज्यों और शासकों का उदय

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