विजय स्तंभ चित्तौड़गढ़ निर्माण और इतिहास

विजय स्तंभ राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले में स्थित एक ऐतिहासिक इमारत है. जिसका निर्माण 1440 ईस्वी से लेकर 1448 ईस्वी के मध्य मेवाड़ के राजा महाराणा कुंभा ने करवाया था. विजय स्तंभ के निर्माण के पीछे मुख्य वजह थी मेवाड़ की ऐतिहासिक जीत. भगवान विष्णु को समर्पित विजय स्तंभ 9 मंजिला है. विजय स्तंभ को […]

तनोट माता मंदिर इतिहास || History Of Tanot Mata

तनोट माता मंदिर राजस्थान के जैसलमेर जिले में तनोट नामक गांव में स्थित हैं. तनोट माता के मंदिर को “तनोट राय मातेश्वरी” के नाम से भी जाना जाता हैं. तनोट माता का इतिहास बताता है कि मामडिया नामक चारण की बेटी “देवी आवड़ जी” की तनोट माता के रूप में पूजा अर्चना की जाती हैं.

नाना साहेब का इतिहास || History Of Nana Saheb

नाना साहेब महान स्वतंत्रता सेनानी और प्रभावशाली मराठा शासक थे. स्वतंत्रता सेनानी नाना साहब 1857 की क्रांति में अपने अभूतपूर्व योगदान की बदौलत विश्व विख्यात हैं. नाना साहब को नाना धुंधुपंत के नाम से भी जाना जाता हैं. महान मराठा छत्रपति शिवाजी महाराज और संभाजी महाराज के बाद नाना साहेब का नाम संपूर्ण भारतवर्ष में

तात्या टोपे का इतिहास जीवन परिचय || History Of Tatya Tope

तात्या टोपे का जन्म महाराष्ट्र के नासिक जिले में सन 1814 ईस्वी में हुआ था. तात्या टोपे का मूल या वास्तविक नाम रामचंद्र पांडुरंग येवलकर था, जो एक ब्राह्मण परिवार से ताल्लुक रखते थे. भारत में हुए प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की वजह से तात्या टोपे को याद किया जाता हैं. 1857 की क्रांति में एक

जयपुर में किले || Fort In Jaipur

जयपुर एक ऐतिहासिक शहर हैं जिसे पिंक सिटी के नाम से भी जाना जाता हैं. अपने स्वर्णिम इतिहास और प्राकृतिक सौंदर्य की वजह से यह विश्व विख्यात हैं. जयपुर में मुख्य रूप से 3 ऐतिहासिक किले हैं जो जयपुर की महानता का गुणगान करते हुए सीना तान कर खड़े है. जयपुर में आमेर का किला,

पंचवटी (रामायण) || History Of Panchvati

पंचवटी रामायण कालीन वह स्थान है जहां पर भगवान श्री राम अपने भाई लक्ष्मण जी और माता सीता के साथ वनवास के दौरान काफी समय तक रुके थे. पंचवटी महाराष्ट्र के नासिक जिले में गोदावरी नदी के निकट स्थित एक बहुत ही प्राचीन और विश्व विख्यात पौराणिक स्थान है. जिसका सीधा सम्बन्ध रामायण से हैं.

डिग्गी कल्याण जी इतिहास और कथा || History Diggi KalyanJi

डिग्गी कल्याण जी का इतिहास और कथा– डिग्गी कल्याण जी को श्री कल्याण मन्दिर के नाम से भी जाना जाता हैं. डिग्गी कल्याण जी का मंदिर डिग्गी नामक कस्बे में मालपुरा तहसील जो कि राजस्थान के टोंक जिले में स्थित हैं. डिग्गी कल्याण जी को भगवान विष्णु का अवतार माना जाता हैं. डिग्गी कल्याण जी

हिंदी भाषा का इतिहास || History Of Hindi Language

हमारा इतिहास हिंदी भाषा से हैं लेकिन हिंदी भाषा का इतिहास 1000 वर्षों से भी अधिक प्राचीन हैं. हिंदी का इतिहास और कालखंड अतिप्राचीन हैं. “वैदिक विश्व राष्ट्र का इतिहास” नामक पुस्तक से ज्ञात होता है कि वैदिक काल में संपूर्ण विश्व में संस्कृत भाषा बोली जाती थी. यह देव भाषा भी थी. इसी संस्कृत

इतिहास की प्रमुख पुस्तकें || 15 Best History Books

प्रत्येक व्यक्ति को अपना गौरवशाली इतिहास जरूर जानना चाहिए ताकि हम अपनी संस्कृती, इतिहास, रहन सहन का तरीका और अपने पूर्वजों के बारे में जान सके. इतिहास को जानने का मुख्य स्त्रोत किताबे होती हैं लेकिन यह एक मुश्किल काम है कि वो कौनसी अच्छी किताबें हैं जो हमारे स्वर्णिम और गौरवशाली इतिहास की सही

इतिहास का जनक || Who Is The Father Of History

यूनानी इतिहासकार हिरोडोटस को इतिहास का जनक कहा जाता हैं. इतिहास के जनक या इतिहास के पिता (Father of History) हिरोडोटस, इतिहासकार के साथ-साथ भूगोलवेत्ता भी थे. इन्हें हरिदत्त नाम से भी जाना जाता हैं. विश्व में सबसे पहले “हिस्ट्रीज” शब्द का प्रयोग इन्होंने ही किया था. इतिहास पर आधारित इनकी किताब “हिस्टोरिका” से इन्होंने

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