महाराणा कुम्भा का इतिहास || History Of Maharana Kumbha

महाराणा कुम्भा का इतिहास मेवाड़ की राजनीती में बहुत महत्वपूर्ण हैं. महाराणा मोकल की मृत्यु के पश्चात उनके पुत्र महाराणा कुंभा जिन्हें महाराणा कुंभकरण के नाम से भी जाना जाता है विक्रम संवत् 1490 मतलब कि 1433 ईस्वी में मेवाड़ की राजगद्दी पर बैठा। राणा कुम्भा ने मेवाड़ पर 1433 से लेकर 1468 तक राज […]

रक्तबीज की कहानी, रक्तबीज और महाकाली की लड़ाई || Raktbeej

रक्तबीज का अर्थ होता है, रक्त से निकले हुए बीज अर्थात रक्त से उत्पन्न होने वाला एक नया जीव। रक्तबीज (Raktbeej) एक दैत्य था. रक्तबीज और महाकाली की लड़ाई हुई थी जिसमें माता पार्वती ने महाकाली का रुप धारण कर रक्तबीज का वध किया था. धार्मिक मान्यता के अनुसार आज से लाखों वर्ष पूर्व इस

हीरामन तोता की कहानी (Hiraman Tota Ki Kahani)- रानी पदमनी का सतरंगी तोता

हीरामन तोता की कहानी (Hiraman Tota) बहुत ऐतिहासिक हैं। एक तोता जिसने राजकुमारी पद्मिनी और चित्तौड़ के राजा रावल रतन सिंह को शादी के बंधन में बांधने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई। हीरामन तोता की कहानी का प्रारंभ (Hiraman Tota ki kahani) 12वीं शताब्दी का अंत हो रहा था, यह आज से लगभग 721 साल पहले

पद्मिनी महल चित्तौड़गढ़ इतिहास || History Of Padmini Mahal

पद्मिनी महल चित्तौड़गढ़ इतिहास (Padmini Mahal)– राजस्थान के मुख्य पर्यटन स्थानों में शामिल, रावल रतन सिंह और महारानी पद्मिनी के प्रेम की निशानी पद्मिनी महल (Padmini Mahal) आज भी सीना तान कर खड़ा हैं। पद्मिनी महल (पदमनी महल) की सुंदरता और भव्यता पर्यटकों का मन मोह लेती है। जब बप्पा रावल के अंतिम वंशज रावल

रावल रतन सिंह का इतिहास || History Of Rawal Ratan Singh

रावल रतन सिंह का इतिहास और जीवन परिचय मेवाड़ के इतिहास में महत्वपूर्ण स्थान रखता हैं। रावल रतन सिंह (Rawal Ratan Singh) की पत्नी का नाम महारानी पद्मिनी था। 13वीं शताब्दी के प्रारंभ में मेवाड़ (चित्तौड़) के शासक बने, इनका का कार्यकाल बहुत छोटा रहा लेकिन मेवाड़ के इतिहास में अधिक छाप छोड़ी। चित्तौड़ के

ढाई दिन का झोंपड़ा का इतिहास || Adhai din ka jhonpda

ढाई दिन का झोंपड़ा का निर्माण किसने करवाया था, कि जगह पहले यह जान लेना चाहिए कि कैसे करवाया था? आपकी जानकारी के लिए बता दें कि कुतुबुद्दीन ऐबक ने वहां पर पहले से मौजूद संस्कृत महाविद्यालय को तोड़कर इसे मस्जिद का रुप दिया था। ढाई दिन का झोंपड़ा का निर्माण 1194 ईस्वी में हुआ

राणा हम्मीर सिंह का इतिहास || History Of Rana Hammir Singh

14वीं शताब्दी में राणा हम्मीर सिंह मेवाड़ (राजस्थान) के शासक थे। 13वीं शताब्दी की बात है, दिल्ली सल्तनत ने गुहीलों की सिसोदिया राजवंश की शाखा को मेवाड़ से सत्तारूढ़ कर दिया। सिसोदिया राजवंश से पहले मेवाड़ पर गुहिल वंश के ही रावल परिवार का शासन था, जिसके मुखिया थे बप्पा रावल या भोजराज। राणा हम्मीर

राणा क्षेत्र सिंह का इतिहास || History Of Rana kshetra singh

राणा क्षेत्र सिंह जिन्हें राणा खेता के नाम से भी जाना जाता हैं। राणा क्षेत्र सिंह या राणा खेता मेवाड़ साम्राज्य के शासक थे। क्षेत्र सिंह के पिता का नाम राणा हम्मीर सिंह था। इनका कार्यकाल 1364 से 1382 ईस्वी तक रहा। 1382 ईस्वी में राणा क्षेत्र सिंह की मृत्यु हो गई। राणा क्षेत्र सिंह ने 18

राणा लाखा का इतिहास || History of Rana Lakha

महाराणा लाखा का इतिहास जानने से पहले आपको बता दें कि इन्होंने 1382 से लेकर 1397 तक मेवाड़ पर राज किया था। सिसोदिया राजपूत राजवंश के राजा राणा लाखा के पिता का नाम क्षेत्र सिंह था। राणा लाखा के पुत्र का नाम महाराणा मोकल था। राणा लाखा की पत्नी का नाम हंसाबाई था। महाराणा लाखा

हवाई जहाज का आविष्कार किसने किया और हवाई जहाज कैसे उड़ता हैं?

मनुष्यों की सबसे अद्भुद खोज माना जाता हैं, हवाई जहाज का आविष्कार। वैसे तो हवाई जहाज का इतिहास बहुत पुराना है। आप रामायण काल में रावण के पुष्पक विमान के बारे में जानते होंगे। हम बात करेंगे आधुनिक हवाई जहाज के आविष्कार, इतिहास और इससे जुड़े महत्त्वपूर्ण तथ्यों के बारे में। हवाई जहाज एक वायुयान

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