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मकर संक्रांति:- मनाने का कारण, इतिहास और 10 महत्त्व.

मकर संक्रांति मनाने का कारण और महत्त्व:- मकर सक्रांति मुख्य हिंदू त्यौहार है, जो हर साल सूर्य के दक्षिणायन से उत्तरायण में प्रवेश करने के दिन मनाया जाता हैं. मकर सक्रांति का त्योहार ज्यादातर 14 जनवरी को ही मनाया जाता है लेकिन कभी-कभी तिथि के अनुसार इसमें एक आध दिन ऊपर नीचे हो सकता है. …

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diver ka yudh दिवेर का युद्ध.

दिवेर का युद्ध (Diver Ka Yudh)- संपूर्ण जानकारी.

दिवेर का युद्ध (Diver Ka Yudh)- विश्व विख्यात और ऐतिहासिक दिवेर का युद्ध अक्टूबर 1582 में महाराणा प्रताप और अकबर की सेना के बीच लड़ा गया था. विजयदशमी के दिन दिवेर का युद्ध दिवेर छापली नामक स्थान पर लड़ा गया, जिसमें मेवाड़ की सेना का शौर्य देखते ही बनता था. एक ऐसा युद्ध जिसने महाराणा …

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bhamashah - भामाशाह

भामाशाह कौन था? पढ़ें इतिहास और प्रसिद्धि की वजह.

भारमल को राजस्थान का प्रथम भामाशाह कहा जाता हैं जो कि भामाशाह के पिता थे. भामाशाह का जन्म 28 जून 1547 ईस्वी में हुआ था. महाराणा प्रताप के आर्थिक रूप से मुख्य सहयोगी होने के कारण भामाशाह का नाम मेवाड़ में आज भी श्रद्धा और आदर के साथ लिया जाता है. भामाशाह (Bhamashah) ने महाराणा …

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maharana pratap history in hindi

महाराणा प्रताप का सम्पूर्ण इतिहास (Maharana Pratap History In Hindi).

महाराणा प्रताप (Maharana Pratap) का नाम सुनते ही हर भारतीय का सीना गर्व से चौड़ा हो जाता है. वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप भारतीय इतिहास के एकमात्र ऐसे योद्धा थे जिन्हें शीश कटाना मंजूर था लेकिन किसी के सामने झुकाना नहीं. चित्तौड़गढ़ के सिसोदिया वंश में जन्म लेने वाले महाराणा प्रताप का नाम इतिहास के स्वर्णिम …

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शक्तिसिंह

कुँवर शक्तिसिंह का इतिहास (महाराणा प्रताप के भाई).

शक्तिसिंह का इतिहास ज्यादातर लोग नहीं जानते हैं. शक्ति सिंह को उनके द्वारा महाराणा प्रताप और मेवाड़ के साथ किए गए विश्वासघात के लिए याद किया जाता हैं लेकिन यह गलत है. शक्तिसिंह और महाराणा प्रताप के बीच अनबन जरूर थी लेकिन वह गद्दार नहीं थे. शक्तिसिंह के 17 पुत्र थे. शक्ति सिंह के पिता …

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Name of Maharana Pratap's elephant

महाराणा प्रताप के हाथी का नाम (Maharana Pratap’s Elephant).

महाराणा प्रताप के हाथी का नाम (Name of Maharana Pratap’s elephant):- मेवाड़ के महाराणा प्रताप सिंह भारत के वीर पुत्र थे. उन्हें अपनी और देश के साथ साथ जानवरों से भी गहरा लगाव और प्रेम था. महाराणा प्रताप के घोड़े का नाम चेतक था यह सब जानते हैं लेकिन शायद ही कोई जनता होगा कि …

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महाराणा उदयसिंह द्वितीय

महाराणा उदयसिंह द्वितीय का इतिहास और जीवन परिचय.

महाराणा उदयसिंह महाराणा प्रताप के पिता थे. महाराणा उदयसिंह द्वितीय के पिता का नाम महाराणा सांगा अथवा महाराणा संग्राम सिंह था. 4 अगस्त 1522 ईस्वी को जन्मे महाराणा उदयसिंह द्वितीय महज 5 वर्ष के थे, तब उनके पिता महाराणा सांगा का निधन हो गया. जैसे तैसे इनकी माता रानी कर्णावती ने इनका पालन पोषण किया …

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Rani Karnawati History In Hindi

रानी कर्णावती (Rani Karnawati History In Hindi)- इतिहास और जीवन परिचय.

रानी कर्णावती का इतिहास (Rani Karnawati History In Hindi)- रानी कर्णावती बूंदी के राव नरबद हाड़ा की बेटी थी. रानी कर्णावती का विवाह मेवाड़ के शासक महाराणा संग्राम सिंह अर्थात महाराणा सांगा के साथ हुआ था. मेवाड़ और चित्तौड़गढ़ के इतिहास में रानी कर्णावती का नाम बड़े ही गर्व के साथ लिया जाता है. मेवाड़ …

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Vijay Stambh photo

Vijay Stambh, विजय स्तंभ चित्तौड़गढ़- निर्माण और इतिहास.

विजय स्तम्भ का इतिहास (Vijay Stambh History In Hindi):- Vijay Stambh राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले में स्थित एक ऐतिहासिक इमारत है. जिसका निर्माण 1440 ईस्वी से लेकर 1448 ईस्वी के मध्य मेवाड़ के राजा महाराणा कुंभा ने करवाया था. विजय स्तंभ के निर्माण के पीछे मुख्य वजह थी मेवाड़ की ऐतिहासिक जीत. भगवान विष्णु को …

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tanot mata mandir

तनोट माता मंदिर इतिहास (Tanot Mata Mandir History In Hindi)

तनोट माता मंदिर इतिहास (Tanot Mata Mandir History In Hindi):- तनोट माता का मन्दिर (Tanot Mata Mandir) राजस्थान के जैसलमेर जिले में तनोट नामक गांव में स्थित हैं. तनोट माता के मंदिर को “तनोट राय मातेश्वरी” के नाम से भी जाना जाता हैं. तनोट माता का इतिहास बताता है कि मामडिया नामक चारण की बेटी …

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